अरब मुस्लिमों ने उल्लास के साथ ईद-उल-अजहा मनाया

काहिरा, 12 अगस्त (आईएएनएस)। मक्का से लेकर बगदाद तक अरब मुस्लिमों ने रविवार को पशुओं की कुर्बानी देकर ईद-उल-अजहा (बकरीद) मनाया।

यह इस सम्मान में मनाया जाता है कि कैसे इब्राहिम ने खुदा की आज्ञा मानकर अपने बेटे की कुर्बानी देने का फैसला किया।

काहिरा

मिस्र की राजधानी में, आर्थिक संघर्ष ने उन लोगों को नहीं रोका जिनके पास पिछले वर्षों की तरह सड़कों पर पशुओं की बलि देने के पर्याप्त साधन हैं।

ऐसा करने पर, उन्होंने सार्वजनिक बूचड़खानों का उपयोग करने के मिस्र के अधिकारियों द्वारा किए गए आग्रह की अनदेखी की।

सार्वजनिक सड़कों पर जानवरों की बलि देने वालों पर जुमार्ना लगाया जा सकता है।

जरूरतमंद लोगों को दान मिल सकता है, क्योंकि एकजुटता ईद की भावना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

इस्लाम की शिक्षाओं के मुताबिक, कुर्बान किए गए जानवर के मांस को तीन भागों में बांटा गाया है, तीसरा रखने के लिए, दूसरा गरीब लोगों को देने के लिए और एक और बचा भाग प्रिय लोगों को देने के लिए।

मक्का

पवित्र शहर मक्का में, हज के रस्म के रूप में चार दिनों के भीतर 10 लाख से अधिक पशुओं के बलिदान की उम्मीद है, इस वर्ष लगभग 25 लाख लोगों ने हज किया है।

स्थानीय अधिकारियों ने 40,000 श्रमिकों द्वारा संचालित आठ बड़े बूचड़खानों की व्यवस्था की है।

बलिदान किए गए जानवरों के मांस को मक्का में हाजियों द्वारा खाया जाता है और बाकी को फ्रीजर में संरक्षित किया जाता है और इस्लामिक डेवलपमेंट बैंक के माध्यम से अन्य इस्लामिक देशों को दान किया जाता है।

हाजियों द्वारा शैतान का पत्थर मारना शुरू करने के बाद रविवार को पशु बलि शुरू हो गई, जिसमें मक्का के मीना जिले में तीन दीवारों पर कंकड़ फेंकना शामिल है -इस्लामिक परंपरा में तीन दीवारें शैतान का प्रतिनिधित्व

करती हैं।

खार्तूम

इस वर्ष, बारिश ने सूडानी लोगों के पारंपरिक तौर पर सार्वजनिक चौकों में ईद की नमाज अदा करने के मंसूबे पर पानी फेर दिया।

राष्ट्रपति उमर अल-बशीर के निष्कासन के बाद हालात से गुजर रहे सूडान में राजनीतिक और आर्थिक स्थिति का भी बकरीद के जश्न पर साया रहा।

मस्जिदों में इमामों ने नागरिक और राजनीतिक ताकतों का आह्वान करते हुए मौजूदा राजनीतिक हालात की निंदा की।

अपने धर्मोपदेश के दौरान, खार्तूम की मस्जिद अल-कबीर (ग्रेट मॉस्क) के प्रचारक, हसन सालेह ने कहा कि लोग उत्पादों और सेवाओं की उच्च कीमतों से खुश नहीं हैं, जिसके चलते कई लोग कुर्बानी देने के लिए पशु नहीं खरीद सकें।

बगदाद

बगदाद ने सबसे खुशहाल बकरीद देखी है क्योंकि सुरक्षा संबंधी प्रतिबंधों को दूर करने के बाद सड़कों और गलियों में बकरीद की रौनक देखी गई।

पिछले वर्षों के विपरीत, इस बार बकरीद के दौरान कोई भी हमला नहीं हुआ है, जिसे इराकी लोग शांति से मना रहा हैं।

परिवार के सदस्य कुर्बान किए गए पशु के मांस का आनंद लेने के लिए घर के सबसे बुर्जुग व्यक्ति के घर में इकट्ठा हो रहे हैं और फिर वे कब्रिस्तानों में अपने प्यारे मृतकों की स्मृति का सम्मान करने या दोस्तों और रिश्तेदारों से मिलने जाते हैं।

प्रत्येक मुलाकात में वे पारंपरिक इराकी कुकी क्लेइचा के साथ चाय पीते हैं।

अम्मान

जॉर्डन में, आर्थिक संकट के बीच पारंपरिक बाकलावा मिठाई के साथ लोग बकरीद मान रहे हैं आर्थिक किल्लत ने जॉर्डन के कुछ लोगों को ईद की सभी परंपराओं को निभाने से रोका है, जैसे-बच्चों और महिलाओं के लिए उपहार खरीदना, एक मेमना, गाय या ऊंट की कुर्बानी देना, या घूमना-फिरना आदि।

रेड सी समुद्र तटों पर जाना या गर्मियों की गर्मी से बचने के लिए कहीं यात्रा करना एक लक्जरी है जो केवल कुछ ही खर्च कर सकते हैं, जबकि अधिकांश लोग सिर्फ मांस का आनंद लेने की उम्मीद करते हैं।

लाल सागर के तटों पर जाना या गर्मियों की तपिश से बचने के लिए कहीं यात्रा करना एक लक्जरी है, जिस पर केवल कुछ ही लोग खर्च कर सकते हैं, जबकि अधिकांश लोग सिर्फ मांस का आनंद लेने की उम्मीद करते हैं।

--आईएएनएस

Related News

Leave a Comment