सीआरपीएफ ने कश्मीर पुलिस संग मतभेद के सोशल मीडिया संदेश को खारिज किया

नई दिल्ली, 12 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) व जम्मू एवं कश्मीर पुलिस (जेकेपी) दोनों ने, अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी किए जाने के बाद, जम्मू एवं कश्मीर में तैनात सुरक्षा बलों के बीच मतभेद की खबरों को सोमवार को खारिज किया।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए सीआरपीएफ ने कहा कि सभी सुरक्षा बल समन्वय व मेलभाव से काम कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर एक फर्जी संदेश में कथित तौर पर एक मुस्लिम कश्मीरी पुलिसकर्मी द्वारा पांच भारतीय सीआरपीएफ जवानों की गोली मारकर हत्या किए जाने बात कही जा रही है। कश्मीरी पुलिस कर्मी ने ऐसा सीआरपीएफ कर्मियों द्वारा एक गर्भवती महिला को कर्फ्यू पास नहीं होने पर रोकने पर किया।

कश्मीर जोन पुलिस ने इस तरह की किसी घटना से इनकार किया है।

कश्मीर जोन पुलिस द्वारा एक ट्वीट में कहा गया, इस दुर्भावनापूर्ण सामग्री का दृढ़ता के साथ खंडन करते हैं। इस मामले को एट दि रेट ट्विटर सपोर्ट फॉर एक्शन के पास ले जाया गया है।

सीआरपीएफ ने एक ट्वीट में कहा, इस ट्वीट की दुर्भावनापूर्ण सामग्री पूरी तरह से आधारहीन और असत्य है। हमेशा की तरह सभी सुरक्षा बल समन्वय के साथ काम कर रहे हैं। देशभक्ति और हमारा तिरंगा हमारे दिल और अस्तित्व के मूल में है, हमारी वर्दी के रंग के अलग होने के बाद भी।

सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 को पांच अगस्त को निष्प्रभावी किए जाने के बाद से जम्मू एवं कश्मीर में लॉकडाउन है। अनुच्छेद को निष्प्रभावी करने के साथ राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया गया।

इसके बाद से सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें फैल रही हैं। इसमें ज्यादातर पाकिस्तान से फर्जी खबरें फैलाई जा रही हैं।

कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक ए.पी. पाणि ने कहा, कश्मीर की स्थिति को लेकर सोशल मीडिया पर दुर्भावनापूर्ण अभियान शुरू किया गया है, हम इसे सेवा प्रदाता के साथ उठा रहे हैं।

उन्होंने कहा, आज कुछ चोटें आई हैं, लेकिन कोई गंभीर नहीं। कोई मेडिको लीगल केस नहीं है।

जम्मू एवं कश्मीर पुलिस के अधिकारी इम्तियाज हुसैन ने ट्वीट किया, वे किस नशे में हैं और किस काल्पनिक दुनिया में जी रहे हैं? सच्चाई में उनकी काल्पनिक दुनिया को तबाह करने की शक्ति है।

--आईएएनएस



Source : ians

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