भारत में असहिष्णुता के लिए नहीं है कोई स्थान : सोनिया (लीड-1)

नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गुरुवार को कहा कि एक लोकतांत्रिक भारत में कट्टरता और असहिष्णुता के लिए कोई जगह नहीं है, फिर भी हर दिन लाखों लोगों को भेदभाव का सामना करना पड़ता है।

भारत के 73वें स्वतंत्रता दिवस पर बधाई देते हुए उन्होंने एक बयान में कहा, वर्तमान में भारत सभी क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ा है, लेकिन हमारे मूल में सत्य, अहिंसा, करुणा और अटूट देशभक्ति के सिद्धांत हैं।

उन्होंने कहा, 73 साल के बाद भी लोकतांत्रिक और लचीला भारत में कट्टरता, अंधविश्वास, संप्रदायवाद, नस्लीयता, असहिष्णुता या अन्याय के लिए कोई जगह नहीं है, फिर भी लाखों साथी नागरिक हर दिन भेदभाव का सामना करते हैं।

उन्होंने कहा, वास्तव में हमारी स्वतंत्रता को पोषित करने के लिए हमें चाहिए कि हम एक राष्ट्र के रूप में उभरते हुए हर उस कार्य के खिलाफ आवाज उठाएं, जो अन्याय, असहिष्णुता और भेदभाव से उपजा हो।

इसके अलावा कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया ने 73वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पार्टी मुख्यालय में तिरंगा फहराया।

केरल के बाढ़ प्रभावित अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड का दौरा करने गए पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी ध्वजारोहण कार्यक्रम में भाग लेने के लिए राष्ट्रीय राजधानी लौट आए।

गांधी परिवार के अलावा, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पार्टी के वरिष्ठ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, मोतीलाल वोरा, अहमद पटेल, के.सी. वेणुगोपाल और कई अन्य पार्टी नेता इस दौरान कार्यालय में मौजद रहे।

सोनिया गांधी ने अपने बयान में नागरिकों से आग्रह किया कि वे स्वतंत्रता, भाईचारे, शांति और समानता के मूल्यों की रक्षा और संरक्षण के महान कर्तव्य का पालन करें।

उन्होंने कहा, हमारी स्वतंत्रता उन लोगों के बलिदानों का परिणाम है, जिन्होंने वर्तमान भारत के लिए अपना बलिदान दिया।

सोनिया गांधी ने कहा, हमें भारत की अखंडता की रक्षा में अपने सशस्त्र बलों के सर्वोच्च बलिदान को नहीं भूलना चाहिए।

--आईएएनएस

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