सीआईएसएफ की मेट्रो टीम ने पेश की ईमानदारी की मिसाल

नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक दिन पहले दिल्ली मेट्रो रेल की सुरक्षा में मुस्तैद केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के सुरक्षाकर्मियों ने ईमानदारी की एक और मिसाल कायम की।

सीआईएसएफ के ईमानदार जवानों ने इस बार हाथ लगे एक लाख रुपये से भरा बैग जिसका था, उसके हवाले कर दिया।

सीआईएसएफ के प्रवक्ता सहायक महानिरीक्षक हेमेंद्र सिंह ने यह जानकारी आईएएनएस को दी। अर्धसैनिक बल के जवानों ने ईमानदारी की यह मिसाल 14 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक दिन पहले पेश की।

प्रवक्ता ने बताया कि बुधवार को दोपहर बाद शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन पर एक संदिग्ध बैग जवानों को लावारिस हालत में स्कैनर में मिला। उन्होंने जब बैग को खोलकर देखा तो उसके अंदर एक लाख रुपये नगद और अन्य जरूरी चीजें थीं।

सीसीटीवी फुटेज देखने से बैग के मालिक का पता चला। सीआईएसएफ कर्मियों ने आनन-फानन में बैग मालिक की तलाश शुरू कर दी। कुछ घंटों की मेहनत के बाद बैग के मालिक प्रवीण झा (30) मिल गए। वह द्वारका के रहने वाले हैं। सीआईएसएफ के जवानों ने उन्हें रुपयों सहित बैग लौटा दिया।

प्रवीण ने सुरक्षाकर्मियों को बताया कि वह भूलवश बैग स्कैनर में छोड़ आए थे। मेट्रो जब धौला कुआं के करीब पहुंची, तब उन्हें बैग कहीं छूट जाने का ख्याल आया। भारी रकम खो जाने से चिंतित प्रवीण ने सीआईएसएफ के जवानों का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा, अब मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि ईमानदारी अभी भी जिंदा है।

--आईएएनएस

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