गोवा में खनन बहाली के लिए शाह से मांगी मदद

पणजी, 16 अगस्त (आईएएनएस)। गोवा माइनिंग पीपुल्स फ्रंट (जीएमपीएफ) ने गोवा में खनन गतिविधियों को फिर से शुरू करने के लिए गृहमंत्री अमित शाह से मदद मांगी है। जीएमपीएफ एक गैर-लाभकारी संगठन है, जो राज्य में लाखों खनन श्रमिकों को रोजगार मुहैया कराता है।

संगठन ने यहां गुरुवार को जारी एक बयान में कहा, जीएमपीएफ ने गृह मंत्री से गोवा खनन मुद्दे पर संबंधित मंत्रियों की एक तत्काल बैठक बुलाने का अनुरोध किया है। इससे लाखों लोगों को उनकी आजीविका का साधन मिलेगा, वहीं राज्य को भी एक मजबूत आर्थिक प्रोत्साहन मिलेगा।

संगठन ने शाह से मिलने के लिए गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल के लिए जल्द नियुक्ति की भी मांग की, ताकि वे अपना मामला फिर से उनके सामने पेश कर सकें।

जीएमपीएफ और शाह के बीच जनवरी में एक बैठक आयोजित हुई थी।

बयान में कहा गया, दो साल पहले राज्य में खनन उद्योग को पूरी तरह से बंद करने से खनन पर निर्भर आबादी की आजीविका पर काफी बुरा प्रभाव पड़ा है।

संगठन की ओर से कहा गया, इससे राज्य की अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। इस कारण गोवा के राजस्व में भी भारी गिरावट आई है।

जीएमपीएफ के अध्यक्ष पुति गोनकर ने एक बयान में कहा, हम गोवा के उन लाखों लोगों की उम्मीदों पर अमित शाह का ध्यान केंद्रित कराना चाहते हैं, जो अपनी आजीविका के लिए खनन उद्योग पर निर्भर हैं।

उन्होंने कहा, हमारे लिए यह जानना काफी उम्मीदों से भरा है कि गृहमंत्री ने खनन मंत्रालय से इस मुद्दे पर फिर से विचार करने और इसके समाधान के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ने को कहा है।

गोनकर ने कहा, हम उम्मीद कर रहे थे कि 31 जुलाई तक एक बैठक आयोजित होगी, मगर इस संबंध में कोई बैठक नहीं हुई है। इसलिए हम गृहमंत्री से अनुरोध करते हैं कि जल्द से जल्द गोवा खनन मुद्दे पर मंत्रियों की बैठक बुलाई जाए।

गृहमंत्री शाह ने 12 जुलाई को खनन मंत्रालय को गोवा के खनन प्रतिबंध मुद्दे का अध्ययन कर इस मसले को हल करने का निर्देश दिया था। इस संबंध में हालांकि अभी तक सरकार की ओर से कोई जानकारी या सूचना प्राप्त नहीं हुई है।

--आईएएनएस

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