तनावग्रस्त परिसंपत्तियों का समय रहते समाधान करें : आरबीआई

मुंबई, 20 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के डिप्टी-गर्वनर एन.एस. विश्वनाथन ने मंगलवार को कर्जदाताओं को सलाह दी कि अपनी तनावग्रस्त परिसंपत्तियों (फंसे हुए बड़े कर्जो) का नए ढांचे के तहत समय रहते समाधान करें, ताकि अधिकतम मूल्य हासिल किया जा सके और केवल वास्तविक मामलों से निपटने के लिए कहा।

उद्योग के सालाना आयोजन एफआईबीएसी को संबोधित करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय बैंक जल्द ही निजी और विदेशी बैंकरों के मुआवजे के लिए अंतिम दिशानिर्देश जारी करेगा।

विश्वनाथन ने कहा कि तनावग्रस्त परिसंपत्तियों के समाधान के लिए 7 जून को जारी आरबीआई का संशोधित ढांचा बैंकों के अधिकार क्षेत्र में कम घुसपैठ है, क्योंकि यह बैंकों को किसी विशेष मामले के लिए अपनी स्वयं की समाधान योजनाओं का मसौदा तैयार करने की अनुमति देता है।

उन्होंने कहा, समय पर समाधान बहुत जरूरी है। मैं आपसे आग्रह करता हूं कि समाधान प्रक्रिया समय के अंदर पूरा करना सुनिश्चित करें। इसे केवल नियामकीय जरूरत के लिए नहीं करें, बल्कि अच्छे मूल्यांकन के साथ बढ़िया नतीजे प्राप्त करने के लिए करें।

उन्होंने कहा, हमने बैंकों को विभिन्न प्रकार की सीमाएं निर्धारित करने की बहुत अधिक स्वतंत्रता दी है। हम कम दखल देने वाले नियम बना रहे हैं और आशा करते हैं कि बैंक समस्या का समाधान करने के लिए अपनी बैलेंस शीट में वास्तविक तनावग्रस्त परिसंपत्तियों (फंसे हुए कर्जो) से निपटने के लिए इसका उपयोग करेंगे।

आरबीआई ने 7 जून को नया एनपीए पहचान और समाधान दिशा-निर्देश जारी किए थे।

--आईएएनएस

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