पता नहीं, हितों के टकराव का मुद्दा क्यों बनाया गया : मैरी कॉम

नई दिल्ली, 21 अगस्त (आईएएनएस)। दिग्गज भारतीय महिला मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम ने बुधवार को कहा कि उनके कोच छोटे लाल यादव को लेकर उनके ऊपर लगाए गए हितों के टकराव का आरोप उनकी समझ से बाहर है।

मैरी कॉम उस समिति का हिस्सा थीं जिसे राजीव गांधी खेल रत्न अवार्ड, अर्जुन अवार्ड, द्रोणाचार्य और ध्यानचंद अवार्ड के लिए नामों की सिफारिश की थी।

हालांकि उन्होंने समिति की अंतिम बैठक से खुद को अलग कर लिया था क्योंकि उनके कोच छोटे लाल भी द्रोणाचार्य अवार्ड के दावेदारों में थे। खुद मैरी काम ने भारतीय मुक्केबाजी संघ से उनके नाम की सिफारिश की थी। इससे मैरी कॉम के खिलाफ हितों के टकराव का मामला खड़ा हो रहा था।

समिति ने पुरस्कारों के लिए जिन नामों की सिफारिश की, उनमें यादव का नाम शामिल नहीं था।

मैरीकॉम ने यहां अखिल भारतीय गेमिंग महासंघ (एआईजीएफ) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के मौके पर संवाददाताओं से कहा, यह दुर्भाग्यपूर्ण था। मैं पहले भी चेयरमैन (पुरस्कार चयन समिति में) थी और अब दूसरी बार मैं समिति में थी। उन दिनों में क्या कोई विवाद हुआ था? लेकिन पता नहीं इस बार क्या हुआ।

छह बार की विश्व चैंपियन कहा कि इसी कारण से उन्होंने चयन समिति की अंतिम बैठक से खुद को दूर रखने का फैसला किया।

उन्होंने कहा, अगर मैं वहां रहती तो फिर से एक नई समस्या खड़ी हो जाती। इसका असर मुझ पर पड़ रहा है। यह मेरी समस्या नहीं है कि किसे पुरस्कार मिलता है या नहीं। जो भी द्रोणाचार्य पुरस्कार का हकदार है, उन्हें यह मिलना चाहिए।

--आईएएनएस

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