नाटकीय ढंग से कांग्रेस मुख्यालय में प्रकट हुए चिदंबरम (लीड-1)

दिल्ली उच्च न्यायालय से खारिज हो चुकी चिदंबरम की अग्रिम जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने वाली याचिका सूचीबद्ध नहीं किए जाने के कुछ ही घंटों बाद वह पार्टी मुख्यालय पहुंचे।

इससे पहले सुबह में न्यायमूर्ति एन. वी. रमना की अगुवाई वाली पीठ ने चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया केस में गिरफ्तारी से अंतरिम राहत देने से मना करते हुए उनकी अंतरिम जमानत याचिका तत्काल सुनवाई के लिए प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के पास भेज दी।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को चिदंबरम की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

मंगलवार से गायब चिदंबरम बुधवार शाम कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे और संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा, पिछले 24 घंटे में मेरे बारे में बहुत तरह के भ्रम फैलाए गए कि मैं कानून से भाग रहा हूं, जबकि वह कानून से संरक्षण की तैयारी कर रहे थे।

उन्होंने कहा, इस मामले में उनके और परिवार के खिलाफ कोई चार्जशीट नहीं है।

मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा की जा रही है। मामले में चिदंबरम की जमानत याचिका पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने 25 जनवरी को आदेश सुरक्षित रख लिया था।

जांच एजेंसियों ने चिदंबरम की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि माममें में जांच के लिए उनको हिरासत में लेना आवश्यक है, क्योंकि उन्होंने पूछताछ में गलत सूचना दी थी।

चिंदबरम ने कहा, लोकतंत्र की बुनियाद आजादी है, अगर उन्हें जिंदगी और आजादी के बीच में चुनने को कहा जाए तो वह आजादी को चुनेंगे।

उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर तत्काल सुनवाई से इंकार कर दिया और अब इसकी सुनवाई शुक्रवार को होगी।

गौरतलब है कि चिदंबरम के वित्तमंत्री कार्यकाल के दौरान उनके पुत्र कार्ति चिदंबरम ने 2007 में आईएनएक्स मीडिया को विदेश से निवेश हासिल करने के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी दिलवाई थी, जिसकी ईडी और सीबीआई जांच कर रही है।

मामले में सीबीआई ने 28 फरवरी, 2018 को कार्ति चिदंबरम को गिरफ्तार किया था। बाद में उनको जमानत मिल गई।

उनके चार्टर्डट अकाउंटेंट एस. भास्कर रमन को भी गिरफ्तार किया गया था, जिनको जमानत पर रिहा कर दिया गया।

--आईएएनएस

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