डोभाल मॉस्को में, भारत-रूस ने क्षेत्रीय अखंडता पर जोर दिया

डोभाल का यह दौरा उनके रूसी समकक्ष निकोलाई पाट्रसेव के आमंत्रण पर हुआ है।

बातचीत के दौरान, दोनों पक्षों ने मोदी के व्लादिवोस्तोक दौरे की तैयारियों पर चर्चा की। मोदी वहां सितंबर की शुरुआत में ईस्टर्न इकॉनॉमिक फोरम के मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेने जाएंगे। उसके बाद वह भारत-रूस द्विपक्षीय बैठक में भाग लेंगे।

विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है, चर्चा आपसी भरोसे और विश्वास पर आधारित थी, जो दोनों देशों के विभिन्न मुद्दों पर रणनीतिक साझेदारी को दर्शाती है।

बयान में कहा गया है, दोनों पक्षों ने आतंकवाद-रोधी सहयोग बढ़ाने के अपने इरादों की पुष्टि की। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय विचार-विमर्श के महत्व, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता और तीसरे पक्ष का हस्तक्षेप नहीं के सिद्धांतों पर आपसी सहयोग के महत्व को दोहराया।

डोभाल के इस दौरे से एक दिन पहले ही रूस ने जम्मू और कश्मीर के मसले पर भारत का समर्थन किया था और कहा था कि ये बदलाव भारतीय संविधान के ढांचे के तहत किए गए हैं और भारत और पाकिस्तान से शांति बरकरार रखने की गुजारिश की थी।

डोभाल के दौरे से पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रूस के उपप्रधानमंत्री युरी बोरिसोव से नई दिल्ली में मुलाकात की थी, जहां वे व्यापार, अर्थव्यवस्था, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक सहयोग भारत-रूस अंतरसरकारी आयोग (आईआरआईजीसी-टीईसी) की बैठक में भाग लेने आए थे।

इस बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने व्यापार बढ़ाने के उपाय करने तथा भारत और यूरेशियन आर्थिक संघ के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत को तेज करने पर सहमति जताई थी।

--आईएएनएस

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