मैं छिप नहीं रहा, उम्मीद है एजेंसियां कानून का सम्मान करेंगी : चिदंबरम (लीड-2)

नई दिल्ली, 21 अगस्त (आईएएनएस)। सीबीआई और ईडी की निगाह से बचते रहे वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम बुधवार को नाटकीय अंदाज में कांग्रेस मुख्यालय में प्रकट हुए। उन्होंने वहां कहा कि वह कानून से बच नहीं रहे हैं, बल्कि कानूनी संरक्षण की तैयारी कर रहे हैं और उम्मीद जताई कि जांच एजेंसियां कानून का सम्मान करेंगी।

चिदंबरम ने संवाददाताओं से कहा, मैं इस बात से भौंचक्का हूं कि मुझ पर कानून से भागने का आरोप लगाया जा रहा है। जबकि इसके विपरीत मैं कानूनी संरक्षण पाने की तैयारी कर रहा हूं। मुझ पर आरोप है कि मैं न्याय से भाग रहा हूं जबकि इसके विपरीत मैं न्याय की खोज में लगा हुआ हूं।

उन्होंने कहा कि वे शुक्रवार तक इंतजार करेंगे, जब सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई का फैसला किया है।

उन्होंने कहा, आईएनएक्स मीडिया मामले में मै किसी जुर्म का आरोपी नहीं हूं, ना ही मेरे परिवार का कोई आरोपी है। वास्तव में ना तो सीबीआई की तरफ से और ना ही ईडी की तरफ से अदालत के समक्ष कोई चार्जशीट दाखिल की गई है। और सीबीआई द्वारा दर्ज बयान में भी मुझ पर कोई आरोप नहीं लगाए गए हैं। लेकिन फिर भी यह व्यापक धारणा फैल गई है कि गंभीर अपराध किया गया है और मेरे बेटे और मैंने ये जुर्म किए हैं।

चिदंबरम ने कहा, सच्चाई से अलग कुछ हो नहीं सकता। ये मनोविकार से पीड़ित झूठों द्वारा फैलाए गए झूठ हैं। जब मुझे सीबीआई से समन मिला और ईडी ने पूछताछ के लिए बुलाया तो मैंने स्वाभाविक रूप से सक्षम अदालत से गिरफ्तारी के खिलाफ सुरक्षा की मांग की। मुझे अंतरिम संरक्षण दिया गया था। मैंने पिछले 13-15 महीनों से अंतरिम संरक्षण लिया। अब आखिरकार इस मामले पर सुनवाई हो रही है।

चिदंबरम ने कहा, मैं छिप नहीं रहा था, लेकिन अपने वकीलों के साथ रात भर और आज कागजात तैयार करने में जुटा रहा। हमने आज सुबह यह काम पूरा किया।

उन्होंने कहा, मेरे वकीलों ने मुझे बताया कि उनके जोरदार दलीलों के बावजूद आज मामले को सूचीबद्ध नहीं किया गया, ना ही इस मामले को कल सूचीबद्ध किया गया है। मैं सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को नमन करता हूं।

उन्होंने कहा, अब से शुक्रवार तक मैं सिर उठाकर चलूंगा। मैं कानून का पालन करूंगा, यहां तक कि जांच एजेंसियां नहीं करती हैं तो भी करूंगा।

उन्होंने कहा, स्वतंत्रता के नाम पर मैं केवल आशा और प्रार्थना कर सकता हूं कि जांच एजेंसियां कानून का पालन करें। वर्तमान परिस्थितियों में कानून का सम्मान ही मायने रखता है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करें।

इस प्रेस वार्ता के बाद वे अपने जोरबाग स्थित घर लौट गए।

इससे पहले 25 जनवरी को दिल्ली उच्च न्यायालय ने उनकी अग्रिम जमानत की याचिका को खारिज कर दिया था, जिसे उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

इससे पहले सुबह में न्यायमूर्ति एन. वी. रमना की अगुवाई वाली पीठ ने चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया केस में गिरफ्तारी से अंतरिम राहत देने से मना करते हुए उनकी अंतरिम जमानत याचिका तत्काल सुनवाई के लिए प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के पास भेज दी।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को चिदंबरम की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा की जा रही है।

जांच एजेंसियों ने चिदंबरम की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि माममें में जांच के लिए उनको हिरासत में लेना आवश्यक है, क्योंकि उन्होंने पूछताछ में गलत सूचना दी थी।

--आईएएनएस

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