बैंक ने कर्ज नहीं दिया, युवक गुर्दा बेचने पर आमादा

सहारनपुर, 23 अगस्त (आईएएनएस)। एक राष्ट्रीयकृत बैंक द्वारा कर्ज न दिए जाने पर 30 वर्षीय एक युवक ने अपना गुर्दा (किडनी) बेचने के लिए ग्राहकों की तलाश में सहारनपुर में जगह-जगह पोस्टर लगाए और सोशल मीडिया का भी सहारा लिया।

खबरों के मुताबिक, राम कुमार नामक युवक पेशे से किसान है। उसने कर्ज प्राप्त करने और व्यवसाय शुरू करने के अवसर को बढ़ाने के लिए डेयरी फार्मिग और पशुपालन पर एक सर्टिफिकेट कोर्स भी किया है, इनमें से एक प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) के तहत शामिल है।

कुमार ने कहा कि खेती उनकी आजीविका का साधन है, लेकिन पांच सदस्यों (बीवी और चार बच्चे) के इस परिवार का भरण-पोषण करने के लिए यह पर्याप्त नहीं है।

कुमार के मुताबिक, औसतन, मैं हर महीने 3000 कमा लेता हूं। जब मुझे लोन नहीं मिला तो लोगों ने मुझे प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत एक कोर्स करने की सलाह दी और इसलिए मैंने वह किया।

साल 2007 में कुमार ने हरियाणा के अंबाला में सरकारी सुअर प्रजनन फार्म में एक महीने के ट्रेनिंग कोर्स को पूरा किया। साल 2016 में उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के तहत डेयरी फार्मिग में एक सप्ताह के प्रशिक्षण पाठ्यक्रम को पूरा किया। इसके बाद, साल 2018 में कुमार ने प्रधानमंत्री योजना के तहत डेयरी किसान/उद्यमी के लिए एलिजिबिटी टेस्ट में भी सफलतापूर्वक उत्तीर्ण हुए, लेकिन इन सबके बाद भी उन्हें लोन देने से मना कर दिया गया।

कुमार ने कहा, आय का कोई और स्रोत नहीं है, अब मैं अपनी किडनी को बेचने के लिए मजबूर हूं। इसके लिए मैंने पोस्टर भी लगाए हैं। इन पोस्टरों के ऑनलाइन छा जाने की वजह से मुझे सिंगापुर और दुबई से भी ऑफर मिले हैं।

हालांकि, कुमार ने अपनी किडनी की कीमत का खुलासा करने से मना कर दिया।

जब एक स्थानीय अधिकारी राजेश चौधरी से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा, कुमार ने मुझसे संपर्क किया था और यह सच है कि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की एक शाखा ने उसे लोन देने से इनकार कर दिया। हालांकि, मैंने बैंक से उसके आवेदन को स्वीकार करने और उसे योग्यता के आधार पर ऋण देने के लिए कहा। मैं इस मामले पर गौर करूंगा और देखूंगा कि क्या किया जा सकता है।

--आईएएनएस

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