डिजिटल विभाजन को पाटने में मदद कर सकता है भारत : प्रभु

बियारिट्ज, 25 अगस्त (आईएएनएस)। भारत जी-7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई प्रमुख योजना डिजिटल इंडिया की सफलता का प्रदर्शन कर सकता है।

जी-7 शिखर सम्मेलन में भारत के शेरपा सुरेश प्रभु ने यहां रविवार को मीडिया इंडिया ग्रुप को दिए एक विशेष साक्षात्कार में कहा, डिजिटल प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करके हमने जिस तरह की तरक्की की है और करोड़ों भारतीयों की जिंदगी में सुधार लाया है वह अतुल्य और अभूतपूर्व है। आबादी के सबसे गरीब वर्ग के लोगों को भी अब सीधे उनके बैंक खाते में सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है और वे बैंक गए बिना पैसों का इस्तेमाल कर सकते हैं।

प्रभु ने कहा, भारत में डिजिटल अर्थव्यवस्था का जो तेजी से विकास हुआ है वह सचमुच कुछ ऐसा है जिसे दूसरे देशों के साथ साझा किया जा सकता है जिससे उनको भारत के अनुभव को जानकर उसे अपने यहां अपनाने में मदद मिल सकती है।

प्रभु ने कहा कि डिजिटल अर्थव्यवस्था और सशक्तीकरण के अलावा, अन्य मसले भी हैं जहां भारत ने सार्थक योगदान किया है और उससे अन्य विकासशील देशों को मदद मिन सकती है।

उन्होंने कहा, जैव विविधता एक बड़ा मसला है। भारत ने इसमें पहले ही बड़ा योगदान दिया है। हमारे देश में उच्च स्तर की जैव विविधता का इतिहास रहा है जिसमें हाल के दिनों में वृद्धि हुई है जैसा कि हम देख सकते हैं कि हमारे यहां वन क्षेत्र में विस्तार हुआ है और देश में बाघों की संख्या बढ़ी है।

--आईएएनएस

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