भारत, पाक कश्मीर मुद्दा खुद सुलझा सकते हैं : ट्रंप (लीड-2)

बिआरित्ज (फ्रांस), 26 अगस्त (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दृढ़ता से स्पष्ट कर दिया है कि कश्मीर मामले में उसे किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की जरूरत नहीं है। भारत के इस रुख के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को मध्यस्थता के अपने प्रस्ताव से कदम पीछे खींच लिया और कहा कि भारत और पाकिस्तान इसे खुद हल सकते हैं।

ट्रंप ने यहां मीडिया से कहा, मेरा दोनों पीएम मोदी और पीएम इमरान खान के साथ अच्छे संबंध हैं। मेरा मानना है कि वे इसे खुद हल कर सकते हैं। वे इसे लंबे समय से हल करने की कोशिश कर रहे हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बताया कि कश्मीर की स्थिति नियंत्रण में है और उन्हें लगता है कि वह पाकिस्तान के साथ सीधे इस स्थिति से निपट सकते हैं।

दोनों नेताओं ने यहां जी-7 की बैठक से इतर 45 मिनट चली द्विपक्षीय बैठक से पहले मीडिया को संबोधित किया। इस दौरान मोदी ने दृढ़ता से दोहराया कि कश्मीर एक द्विपक्षीय मुद्दा है। जब मोदी से इस मामले में मध्यस्थता से संबंधित सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सभी मुद्दे द्विपक्षीय प्रकृति के हैं।

जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या मध्यस्थता की उनकी पेशकश अभी भी बरकरार है तो उन्होंने कहा, मैं यहीं पर हूं। इसके बाद उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि भारत और पाकिस्तान द्विपक्षीय स्तर पर ऐसा कर सकते हैं।

ट्रंप ने कहा, हमने कल रात कश्मीर के बारे में बात की थी और प्रधानमंत्री मोदी को लगता है कि स्थिति उनके नियंत्रण में है। और, अब जब वह पाकिस्तान के साथ बातचीत करेंगे तो मुझे यकीन है कि वह कुछ करने में सक्षम होंगे। वह शायद कुछ बहुत अच्छा कर पाएंगे।

कश्मीर पर पूछे गए एक सवाल पर मोदी ने कहा, भारत और पाकिस्तान के बीच कई द्विपक्षीय मुद्दे हैं। इमरान खान के प्रधानमंत्री बनने के बाद मैंने उनसे कहा कि हमारे दोनों देशों को गरीबी, अशिक्षा व पिछड़ेपन के खिलाफ लड़ना है। इसलिए हम दोनों देशों को ही लोगों की बेहतरी के लिए काम करना चाहिए। मैंने राष्ट्रपति ट्रंप को भी इससे अवगत कराया है और हम अपने द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करते रहते हैं।

इस मौके पर मोदी ने हिंदी में बात की और एक ट्रांसलेटर ने उनकी टिप्पणियों का अनुवाद किया। मीडिया के साथ तल्ख संबंध रखने वाले ट्रंप ने चुटकी लेते हुए कहा, वह (मोदी) वास्तव में बेहतरीन अंग्रेजी बोलते हैं..बस, वह आपसे बात नहीं करना चाहते हैं।

इस पर भारतीय प्रधानमंत्री जोर से हंसे और दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया।

ट्रंप ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी के साथ यहां बहुत अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि वह अपनी द्विपक्षीय बैठक में व्यापार और सेना के संबंध में चर्चा करेंगे।

मोदी ने ट्रंप को दोस्त बताते हुए कहा, यह मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण बैठक रही।

ट्रंप ने कहा कि उन्हें रविवार को रात्रिभोज के दौरान मोदी से भारत के बारे में बहुत कुछ सीखने को मिला। उन्होंने कहा कि यह आकर्षक और खूबसूरत जगह है।

जुलाई में व्हाइट हाउस में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ ट्रंप ने यह दावा कर भ्रम की स्थिति पैदा कर दी थी कि मोदी ने उन्हें कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता करने के लिए कहा था। भारत ने सख्ती से इसका खंडन किया था।

मोदी-ट्रंप की बैठक से पहले अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा, भारत ने किसी औपचारिक मध्यस्थता का अनुरोध नहीं किया है।

भारत ने हाल ही में जम्मू एवं कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद-370 को निष्प्रभावी कर दिया, जिसके बाद से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। इसके बाद पिछले हफ्ते ट्रंप ने कश्मीर मुद्दे पर मोदी और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान को फोन किया था।

अमेरिका ने फिर से पुष्टि की है कि उसकी कश्मीर नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है और यह भारत और पाकिस्तान के बीच एक द्विपक्षीय मुद्दा है।

--आईएएनएस

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