चीन ने हांगकांग पर जी7 के संयुक्त बयान की निंदा की

बीजिंग, 27 अगस्त (आईएएनएस)। चीन ने मंगलवार को ग्रुप ऑफ सेवेन (जी7) नेताओं के संयुक्त बयान की निंदा की। यह बयान फ्रांस में शिखर सम्मेलन के समापन पर जारी किया गया। इसमें उन्होंने 1984 के चीन व ब्रिटेन के बीच के समझौते के महत्व व अस्तित्व को रेखांकित किया, जिसने हांगकांग के चीन में वापसी की नींव रखी।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने जी7 पर हांगकांग के मामले में दखल देने का आरोप लगाया और कहा कि मुद्दा चीन का आंतरिक मामला है। जी7 दुनिया के सात सबसे विकसित देशों का एक समूह है।

गेंग ने कहा, हांगकांग के नागरिकों और अन्य चीनी लोगों के अलावा कोई और हांगकांग की समृद्धि और स्थिरता की परवाह नहीं करता है और हम अपने खुद के मामलों को अच्छी तरह से संभाल सकते हैं।

उन्होंने कहा, मैं जी7 के सदस्यों को सलाह देना चाहूंगा कि वे बुरे इरादों के साथ दूसरे के कार्यो में दखल न दें।

समाचार एजेंसी एफे न्यूज ने उनके हवाले से कहा, चीन-ब्रिटेन के संयुक्त घोषणा का अंतिम लक्ष्य हांगकांग पर चीन का अधिकार सुनिश्चित करना है और हांगकांग पर संप्रभुता बनाए रखना है।

प्रवक्ता ने कहा, मातृभूमि के साथ वापसी के बाद चीनी सरकार हमारे संविधान और बुनियादी कानून के आधार पर हांगकांग पर शासन करती है। अंतर्राष्ट्रीय कानून और बुनियादी नियमों के अनुसार, कोई भी देश या संगठन हस्तक्षेप नहीं करेगा।

जून से हांगकांग दशक के अपने सबसे खराब राजनीतिक संकट से गुजर रहा है, जो प्रत्यर्पण बिल की वजह से पैदा हुआ, जो फरार लोगों को हांगकांग से मुख्य भूमि चीन को प्रत्यर्पित करने में समर्थ बनाएगा, जो बीजिंग के न्यायिक प्रणाली के तहत मुकदमे का सामना करेंगे।

जी7 शिखर सम्मेलन के निष्कर्ष के बयान में हांगकांग पर 1984 के चीन-ब्रिटेन के घोषणा के महत्व व स्थिति को रेखांकित किया गया है और पक्षों से हिंसा से बचने का आह्वान किया गया है। यह शिखर सम्मेलन शनिवार और सोमवार के बीच बियारिट्ज में आयोजित किया गया।

--आईएएनएस

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