नए चेहरे को मिल सकती है हरियाणा कांग्रेस की कमान

नई दिल्ली, 28 अगस्त (आईएएनएस)। हरियाणा विधानसभा चुनाव में कुछ महीने ही बाकी हैं। इसी बीच कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के पसंदीदा अशोक तंवर की जगह राज्य इकाई के एक नए अध्यक्ष पर फैसला होना है। यह जानकारी पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बुधवार को दी।

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बुधवार को आईएएनएस को बताया, 10 अगस्त को नेतृत्व संभालने के बाद सोनिया जी राज्य से संबंधित मुद्दों को लेकर गंभीर हैं, जहां इस साल या अगले साल की शुरुआत में चुनाव होने हैं।

महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं, जबकि दिल्ली में अगले साल चुनाव होंगे।

नेता ने कहा कि गांधी ने 15 अगस्त के बाद से हरियाणा में एक नए अध्यक्ष के बारे में निर्णय लेने के लिए वरिष्ठ नेताओं के साथ कई दौर की बैठकें की हैं।

सूत्र ने कहा, राज्य इकाई के नए अध्यक्ष पर निर्णय की घोषणा दो-तीन दिनों में होने की संभावना है।

उन्होंने बताया कि तंवर और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बीच लगातार चल रहे मतभेदों के बीच पार्टी किसी नए नेता को राज्य अध्यक्ष की जिम्मेदारी दे सकती है।

हुड्डा ने 18 अगस्त को रोहतक में एक रैली को संबोधित करते हुए संविधान के अनुच्छेद-370 को हटाने के लिए मोदी सरकार के कदम का समर्थन किया था।

अटकलें लगाई जा रही थीं कि दो बार के मुख्यमंत्री हुड्डा और उनके बेटे पूर्व सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा पार्टी आलाकमान द्वारा दरकिनार किए जाने के बाद कांग्रेस छोड़ सकते हैं।

रोहतक की रैली से एक दिन पहले 17 अगस्त को हुड्डा ने नई दिल्ली में कांग्रेस नेताओं से मुलाकात की थी, जिस दौरान उन्हें पार्टी छोड़ने के लिए जल्दबाजी में निर्णय न लेने के लिए मनाने की कोशिश की गई थी।

अक्टूबर 2014 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 47 सीटें हासिल की थी। जबकि 2009 में उसने महज चार सीटें ही जीती थी। 2014 के चुनाव में 19 विधायकों के साथ इनेलो विपक्षी पार्टी बनीं, जबकि कांग्रेस 15 सीटों के साथ राज्य में तीसरे स्थान पर रही।

इस चुनाव में दो सीटें हरियाणा जनहित कांग्रेस (हजकां) और एक-एक सीट शिरोमणि अकाली दल (शिअद) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को मिली। वहीं पांच निर्दलीय विधायक चुने गए थे।

--आईएएनएस

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