सरकार निजीकरण अभियान बंद करे : माकपा

नई दिल्ली, 28 अगस्त (आईएएनएस)। मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने चेताया है कि मोदी सरकार को अपना निजीकरण अभियान बंद कर देना चाहिए, क्योंकि इससे सार्वजनिक संपत्तियां खत्म हो रही हैं और बेरोजगारी बढ़ रही है।

माकपा ने अपने मुखपत्र पीपुल्स डेमोक्रेसी के संपादकीय में कहा है कि ऐसे समय में जब वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी की तरफ बढ़ रही है और देश का निर्यात घट रहा है, ऐसे में सार्वजनिक निवेश पर ध्यान केंद्रित करना व अर्थव्यवस्था में मांग व रोजगार सृजन करना आगे बढ़ने का एकमात्रा रास्ता है।

माकपा ने कहा, रोजगार की बिगड़ती हालत चिताजनक है। ऑटोमोबाइल सेक्टर में करीब 3.5 लाख नौकरियां खत्म हो चुकी हैं और भी रोजगार जाने की संभावना है। उपभोक्ता वस्तुएं खंड में सबसे बड़ी बिस्कुट निर्माता कंपनी पारले ने 10,000 नौकरियां खत्म करने की घोषणा की है।

उन्होंने कहा, कॉरपोरेट मंदी का इस्तेमाल नौकरियों में कटौती करने और अपना लाभ बचाने के लिए कर रहे हैं।

संपादकीय में कहा गया है, विभिन्न क्षेत्रों में नौकरियों के जाने की जानकारी नेशनल सैंपल सर्वे डेटा की पृष्ठभूमि में आया है, जिससे पता चला था कि 2017-18 में बेरोजगारी दर 6.1 फीसदी 45 साल के उच्चस्तर पर थी। बेरोजगारी में वृद्धि मंदी के मुख्य कारणों में से एक है।

माकपा के मुखपत्र में कहा गया है कि मोदी सरकार के पास हालात से निपटने का कोई सूत्र नहीं है।

मुखपत्र में कहा गया है, सभी प्रलोभनों के बावजूद निजी निवेश नहीं आ रहा है। वास्तव में 2018 में नए आयकर कानून के मसौदे के टास्क फोर्स ने अनुमान लगाया है कि कॉरपोरेट निवेश आश्चर्यजनक तौर पर 2016-17 में 60 फीसदी गिरा है।

--आईएएनएस

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