अरुं धति की टिप्पणी पर ट्विटरातियोंका फूट गुस्सा

नई दिल्ली, 28 अगस्त (आईएएनएस)। लेखिका अरुं धति रॉय एक बार फिर खबरों में हैं, मगर किसी अच्छी वजह से नहीं, बल्कि अपने विवादास्पद बयान को लेकर।

एक पुराने वीडियो में लेखिका को भारत की आलोचना करते देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने दावा किया है कि भारत लोगों के खिलाफ सेना का इस्तेमाल कर रहा है। इस वीडियो के सामने आने पर कई लोगों ने इस पर अपना गुस्सा जाहिर किया है।

यह वीडियो क्लिप इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के निष्प्रभावी होने के बाद सामने आया है।

माना जाता है कि यह वीडियो 2011 में उनके द्वारा यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टमिंस्टर में उनके द्वारा चीन व भारत में लोकतंत्र और असहमति पर दिए गए भाषण का है।

पूरे वीडियो में उन्होंने भारतीय सेना को अपने लोगों से जंग लड़ने का दोषी ठहराया है।

उन्होंने आरोप लगाया है कि भारत में मुस्लिमों के खिलाफ सेना का इस्तेमाल किया जा रहा है, खासतौर से जम्मू-कश्मीर में। उन्होंने भारत को लोकतंत्र कहे जाने का मजाक उड़ाया।

इस विवादास्पद वीडियो के आने पर ट्विटरातियों का गुस्सा फुट पड़ा और अरुं धति राय ट्रेंड होने लगीं।

कुछ लोगों ने उन पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया, जबकि कुछ ने पाकिस्तान की तरफदारी करने का आरोप लगाया।

कनाडा के पत्रकार तारीक फतेह ने ट्वीट के जरिए कहा, अरुं धति राय का दावा है कि पाकिस्तान ने अपनी जनता के खिलाफ कभी सेना का इस्तेमाल नहीं किया। क्या वह अंधी और बहरी थीं जब 1971 में पाकिस्तान द्वारा किए गए नरसंहार में 30 लाख लोग मारे गए थे। क्या उनको बलूचिस्तान के बारे में मालूम नहीं है? वह वास्तव में पाकिस्तानी आईएसआई की भाषा बोलती हैं।

बलूच मानवाधिकार कार्यकर्ता वारिस बलूच ने पूछा, हैलो मैडम अरुं धति रॉय, क्या आप बलूचिस्तान स्थित निर्दोष बलूचों के गांवों में पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों से बम बरसाने के बारे में एक शब्द बोल सकती हैं? फोटो और वीडियो में आप देख सकती हैं कि पाकिस्तानी विमानों और टैंकों का इस्तेमाल बलूचों को कुचलने के लिए किया गया।

रॉय के लिए विवादों में रहना कोई नई बात नहीं है। पिछले साल उन्होंने कहा था कि भारत में हिंसा भयानक है और 2010 में उन्होंने दावा किया था कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग नहीं है, जब गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस को उनके इस बयान पर उनके खिलाफ देश द्रोह का मुकदमा दर्ज करने को कहा था।

--आईएएनएस

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