बिहार में बाढ़ से हुए नुकसान के आंकलन में जुटी केंद्रीय टीम

बिहार राज्य आपदा विभाग के एक अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि टीम ने बुधवार को सीतामढ़ी का दौरा किया। टीम तीन दिनों तक बिहार के बाढ़ प्रभावित जिलों का दौरा कर नुकसान का पता लगाएगी।

आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने बताया कि टीम की रिपोर्ट के आधार पर ही बिहार को बाढ़ से हुई क्षति की भरपााई के लिए केंद्रीय सहायता मिलेगी। टीम विभिन्न जिलों का दौरा करने के बाद शनिवार की शाम पटना लौटेगी। इसके बाद टीम के सदस्य रविवार को राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे, जिसके बाद वह वापस दिल्ली लौटेंगे।

उल्लेखनीय है कि बिहार के उत्तरी हिस्से में इस साल कोसी, बागमती, कमला बलान, गंडक व बूढ़ी गंडक नदियों में आई बाढ़ के कारण 13 जिले प्रभावित हुए थे। बाढ़ से घर, स्कूल, सरकारी भवन और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को नुकसान पहुंचा है।

राज्य सरकार का दावा है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों के बैंक खाते में छह हजार रुपये भेजे जा रहे हैं। इस साल आई बाढ़ से 88 लाख से जयादा लोग प्रभावित हुए हैं।

उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि राज्य के बाढ़ प्रभावित 13 जिलों के लोगों के कर्ज को दो साल के लिए पुनर्गठित करने का फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि लोगों को 10 हजार रुपये तक उपभोक्ता ऋण देने तथा बाढ़ प्रभावित जिलों में 10 दिनों के अंदर जिला स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक करने का निर्देश दिया गया है।

मालूम हो कि आपदा की वजह से कर्ज पुनर्गठित होने की स्थिति में एक साल तक कर्ज की वसूली स्थगित रखने व अगली फसल के लिए केसीसी के तहत नया ऋण देने का प्रावधान है।

उप-मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार प्रति परिवार छह हजार रुपये की दर से अब तक 1300 करोड़ रुपये की सहायता राशि सीधे पीड़ितों के खाते में भेज चुकी है। बाढ़ से दरभंगा, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी और अररिया में सर्वाधिक नुकसान हुआ है। इस दौरान 130 लोगों की मृत्यु होने के साथ ही बड़े पैमाने पर मकानों व फसलों को नुकसान पहुंचा है।

राज्य सरकार ने बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र सरकार से 2700 करोड रुपये की मांग की है।

--आईएएनएस

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