हाईकोर्ट के 4 चीफ जस्टिस को सुप्रीम कोर्ट का जज बनाने की सिफारिश (लीड-1)

नई दिल्ली, 29 अगस्त (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने विभिन्न उच्च न्यायालयों के चार मुख्य न्यायाधीशों को प्रोन्नति प्रदान कर शीर्ष अदालत का न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की है। यह जानकारी गुरुवार को सूत्रों ने दी।

कोलेजियम ने हिमाचल प्रदेश के मुख्य न्यायाधीश वी. रामासुब्रमणियन, पंजाब और हरियाणा के मुख्य न्यायाधीश कृष्ण मुरारी, राजस्थान के मुख्य न्यायाधीश एस. ए. रवींद्र भट और केरल के मुख्य न्यायाधीश हृषिकेश रॉय को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की है।

30 जून 1958 को पैदा हुए न्यायमूर्ति रामासुब्रमणियन ने चेन्नई के विवेकानंद कॉलेज से विज्ञान में स्नातक की डिग्री लेने के बाद मद्रास लॉ कॉलेज से कानून में डिग्री हासिल की। इसके बाद वह 16 फरवरी 1983 को वकील समुदाय के सदस्य बने।

मद्रास उच्च न्यायालय में करीब 23 साल वकालत करने के बाद 31 जुलाई 2006 को मद्रास उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के तौर पर उनकी नियुक्ति हुई और वह नौ नवंबर 2009 को स्थायी न्यायाधीश बने।

उनके खुद के आग्रह पर उनका तबादला तेलंगाना और आंध्रप्रदेश के उच्च न्यायालय में हैदराबाद कर दिया गया जो 27 अप्रैल 2016 से प्रभावी हुआ। राज्यों के बंटवारे के बाद आंध्रप्रदेश का अलग उच्च न्यायालय बनने पर वह एक जनवरी 2019 से हैदराबाद स्थित तेलंगाना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश बने रहे।

उन्होंने 22 जून 2019 को हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ ली।

नौ जुलाई 1958 को पैदा हुए न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से लॉ की डिग्री हासिल की और 23 दिसंबर 1981 को उन्होंने अधिवक्ता के रूप में नामांकन करवाया।

उन्होंने 22 साल तक वकालत की। इसके बाद सात जनवरी 2004 में उनकी नियुक्ति इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में हुई। वह 18 अगस्त 2005 में स्थायी न्यायाधीश बने और दो जून 2018 को उन्होंने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली।

न्यायमूर्ति भट का भी जन्म 1958 में हुआ। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस लॉ सेंटर से कानून में डिग्री हासिल करने के बाद उसी साल दिल्ली बार काउंसिल में नामांकन करवाया।

दिल्ली उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट में वकालत करने के बाद 2004 में वह दिल्ली उच्च न्यायालय में अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त हुए और 2006 में वह स्थायी न्यायाधीश बने।

पांच मई 2019 को उनको राजस्थान उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया।

न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय ने आठ अगस्त 2018 को केरल उच्च न्यायालय के 35वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। इससे पहले गुवाहाटी उच्च न्यायालय से तबादला होने के बाद वह 30 मई 2018 से बतौर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रहे।

एक फरवरी 1960 को पैदा हुए न्यायमूर्ति रॉय ने दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस लॉ सेंटर से 1982 में कानून में डिग्री हासिल की। उन्होंने गुवाहाटी उच्च न्यायालय में वकालत की और 21 दिसंबर 2004 को वह वरिष्ठ अधिवक्ता बने।

उन्होंने 12 अक्टूबर 2006 को गुवाहाटी उच्च न्यायालय में बतौर अतिरिक्त न्यायाधीश शपथ ली और 15 जुलाई 2008 को वह स्थायी न्यायाधीश बने।

--आईएएनएस

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