जबरन धर्म परिवर्तन पर लगाम के लिए हिमाचल विधानसभा में विधेयक पेश

शिमला, 29 अगस्त (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश की भाजपा सरकार ने गुरुवार को विधानसभा में जबरन धर्म परिवर्तन पर लगाम लगाने के लिए एक विधेयक पेश किया।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा हिमाचल प्रदेश फ्रीडम ऑफ रिलीजन बिल-2019 को सदन में पेश किया गया।

विधेयक को मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार को बहस के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

विधेयक में कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति दूसरे धर्म के किसी भी व्यक्ति का गलत तरीके से, बलपूर्वक, अनुचित प्रभाव डालकर, जबरदस्ती कर, प्रलोभन या धोखे के माध्यम से धर्म परिवर्तन करने का प्रयास नहीं करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, यह देखा गया है कि गलत तरीके से धोखा देते हुए धर्मांतरण कराने में वृद्धि हुई है। अगर समय रहते इसकी अच्छी तरह से जांच नहीं की जाती है तो यह काम विभिन्न जातीय और धार्मिक समूहों के बीच आपसी विश्वास को नष्ट कर सकता है।

उन्होंने कहा कि अगर जबरन धर्मांतरण पर रोक नहीं लगी तो इससे सार्वजनिक अव्यवस्था पैदा होगी।

ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश फ्रीडम ऑफ रिलीजन एक्ट-2006 को ताकत या धोखाधड़ी के माध्यम से किए जाने वाले धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए लागू किया गया था।

उन्होंने कहा कि इसके बाद समाज में कई संक्रमणकालीन परिवर्तन हुए हैं।

ठाकुर ने कहा कि इस अधिनियम में दी गई सजाओं का पर्याप्त प्रभाव नहीं है। ठाकुर ने कहा कि उत्तराखंड जैसे कुछ राज्यों की तरह ऐसे मामलों में पर्याप्त सजा का प्रावधान रखने की आवश्यकता है।

--आईएएनएस

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