चालू वित्तवर्ष में तरलता प्रबंधन की समीक्षा करेगा आरबीआई

मुंबई, 29 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गुरुवार को जारी अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा कि केंद्रीय बैंक तरलता प्रबंधन की समीक्षा करेगा, जिसके तहत वह अपने तरलता पूर्वानुमान फ्रेमवर्क को बेहतर बनाएगा और समय-समय पर करेंसी सर्कुलेशन अनुमान में तीव्रता लाएगा।

आरबीआई ने कहा कि मौद्रिक हस्तांतरण की समझ बढ़ाने के लिए सेक्टर विशेष में कर्ज प्रवाह का विश्लेषण किया जाएगा। वाणिज्यिक क्षेत्र में कर्ज प्रवाह को लेकर बैंकिंग क्षेत्र और एनबीएफसी की संपत्ति की गुणवत्ता या सेहत के पहलुओं की भी जांच की जाएगी।

आरबीआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि अस्थिरता के स्रोतों को समझने और चक्रीय व संरचनात्मक कारकों की सापेक्ष भूमिका का परीक्षण करने के लिए हालिया खाद्य महंगाई के डायनामिक्स का विश्लेषण किया जाएगा।

केंद्रीय बैंक ने 2018-19 की अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा कि चालू वित्तवर्ष में उसकी मौद्रिक नीति के संचालन में तरलता पूर्वानुमान फ्रेमवर्क को परिष्कृत करने के साथ-साथ आवधिक आधार पर मुद्रा के सर्कुलेशन के अनुमान को तीव्र बनाना भी शामिल है।

आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2019-20 के दौरान तरलता पूर्वानुमान फ्रेमवर्क को बेहतर बनाने और आवधिक (जैसे-सालाना, तिमाही, मासिक, पाक्षिक और साप्ताहिक) आधार पर करेंसी के सर्कुलेशन के अनुमान को तीव्र बनाने और तरलता प्रबंधन फ्रेमवर्क के संचालन की पूरी समीक्षा पर ध्यान दिया जाएगा, जिसमें संरचनात्मक तरलता संतुलन और तरलता में वितरण संबंधी असमानता से संबंधित पहलुएं शामिल हैं।

--आईएएनएस



Source : ians

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