नेशनल हेराल्ड मामले में सुब्रह्मण्यम स्वामी से जिरह

नई दिल्ली, 30 अगस्त (आईएएनएस)। नेशनल हेराल्ड मामले में दिल्ली की एक अदालत में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी से शुक्रवार को कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी व राहुल गांधी के वरिष्ठ वकील आर.एस.चीमा ने जिरह की।

अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी समर विशाल की राउज एवेन्य कोर्ट में यह जिरह की गई।

नेशनल हेराल्ड के बंद होने के मुद्दे पर 2008 में प्रकाशित एक लेख का जिक्र करते हुए वरिष्ठ वकील ने स्वामी से पूछा, क्या यह सही है कि आपने उस लेख को उसी वेबसाइट से डाउनलोड किया है, जिसका जिक्र आप ने शिकायत में किया है?

स्वामी ने हां में जवाब दिया।

चीमा ने सवाल किया, क्या आप ने अपनी शिकायत में या अपने बयानों में यह उल्लेख किया है कि आप ने पूरा लेख प्रस्तुत नहीं किया है और आपके अनुसार जो ठीक लगा, उतना ही अंश पेश किया है?

स्वामी ने फिर से हां में जवाब दिया।

चीमा ने लेख के कुछ हिस्सों को स्वामी को दिखाते हुए कहा, जो लेख सवालों में है, उसका शीर्षक है नेशनल हेराल्ड शट डाउन ऑफ्टर 70 इयर्स, और यह सिफी की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

चीमा ने पूछा, क्या ये हिस्से आपकी शिकायत में प्रस्तुत किए गए हैं।

इस पर भाजपा नेता ने उत्तर दिया, यह हिस्सा मेरी शिकायत में नहीं है।

स्वामी ने तब नेशनल हेराल्ड व कौमी आवाज (उर्दू) के एक अप्रैल, 2008 के अखबार दिखाए।

चीमा ने कहा, जिस संपादकीय के अंश को शिकायत में पुनप्र्रस्तुत किया गया है, वह स्वसंपादित है, और उसमें से वह हिस्सा निकाल दिया गया है, जिसमें साफ तौर कहा गया है कि अखबार के प्रकाशन को अस्थायी रूप से अगली सूचना तक निलंबित किया जा रहा है।

इस पर स्वामी ने जवाब दिया, मैंने जो भी उद्धरण दिया है वह संपादित नहीं है, और लेख का एक हिस्सा है। पैराग्राफ के अंत में मैंने लेख के पता दिया है, इसलिए कुछ भी छिपाने की कोशिश नहीं की गई है।

चीमा ने कहा, प्रकाशन को अंतिम संस्करण के बाद 1 अप्रैल, 2008 को बंद कर दिया गया। यदि मैं ठीक से याद कर पा रहा हूं तो बाद में सात अप्रैल, 2016 से प्रकाशन फिर से शुरू हुआ, लेकिन हेराल्ड हाउस से नहीं, बल्कि इंडियन एक्सप्रेस इमारत से।

स्वामी ने जवाब दिया, प्रकाशन बंद करने के तुरंत बाद पूरे स्टाफ यानी पत्रकारों व दूसरे कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति दे दी गई और उन्हें घर भेज दिया गया।

चीमा ने स्वामी से पूछा कि नेशनल हेराल्ड के फिर से प्रकाशित होने की जानकारी उन्हें कब हुई।

सांसद ने जवाब दिया, मुझे इसके फिर से प्रकाशन की सूचना अखबार के जरिए, इसके शुरू होने की तिथि को हुई।

उन्होंने कहा, यह प्रासंगिक है कि मैंने प्रकाशन के फिर से शुरू होने की जानकारी का जिक्र शिकायत में नहीं किया।

वकील ने स्वामी से इंडियन एक्सप्रेस बिल्डिंग का पता पूछा, जिस पर स्वामी ने कहा, यह बहादुर शाह जफर मार्ग पर है।

--आईएएनएस

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