उप्र में बच्चा चोरी की अफवाहों से जूझ रही पुलिस

लखनऊ, 30 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में अभी तक एक भी बच्चा चोरी नहीं हुआ है। लेकिन इससे जुड़ी अफवाहों के कारण भीड़ हत्या की कई घटनाएं समाने आ चुकी हैं। ये अफवाहें पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई हैं। हालांकि इस दिशा में पुलिस ने अब सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।

उप्र के पुलिस महानिदेशक ओमप्रकाश सिंह खुद कह चुके हैं कि भीड़ हिंसा के लिए उकसाने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की जाएगी। इन मामलों में दर्ज मुकदमों में पुलिस एक पखवाड़े में आरोपपत्र दाखिल कर आरोपियों के खिलाफ अभियोजन की प्रभावी पैरवी करेगी।

बीते 24 घंटे में बच्चा चोरी के संदेह में हमले की घटनाओं में चार और मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। पुलिस ने अब तक 36 मुकदमे दर्ज कर 106 आरोपितों की गिरफ्तारी की है।

डीजीपी ने कहा है कि सभी घटनाओं में एफआईआर दर्ज की जाए और अब तक पुलिस कार्रवाई से बचे रह गए आरोपितों की वीडियो व अन्य माध्यमों से पहचान कराकर उनकी गिरफ्तारी भी जल्द सुनिश्चित कराई जाए।

ओ.पी. सिंह ने बताया, प्रदेश में इस माह बच्चा चोरी की अफवाह फैलाए जाने से हिंसा की कुल 46 घटनाएं हुईं। इनमें से 32 मामलों में एफआईआर दर्ज हुई, जबकि 14 मामलों में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात पर नियंत्रण कर लिया। इन घटनाओं में कुल 29 लोग घायल हुए और संभल में एक की मौत हुई। जो मुकदमे दर्ज हुए, उनमें 90 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

संभल में पीटकर व्यक्ति की हत्या के मामले में पुलिस ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई के लिए अपनी तैयारी पूरी कर ली है। अन्य मुकदमों में भी जल्द रासुका लगवाने की तैयारी जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। दूसरी ओर बहराइच व प्रतापगढ़ में बच्चा चोरी के संदेह में मारपीट की घटनाएं सामने आई हैं।

आइजी (कानून-व्यवस्था) प्रवीण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि जिन घटनाओं में अब तक रिपोर्ट नहीं दर्ज हुई है, उन्हें भी चिन्हित कराया जा रहा है। रायबरेली में एक दिन पूर्व हुई घटना में, रामपुर में मंगलवार शाम हुई घटना तथा अमरोहा में बुधवार को हुई घटना के मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई है। मेरठ में एक पुराने मामले में भी मुकदमा दर्ज कराया गया है।

उधर, संभल, अमरोहा समेत अन्य जिलों में जिलाधिकारी-पुलिस अधीक्षक को लाउडस्पीकर के जरिए ऐसी अफवाहें फैलाने वालों को आगाह करने के निर्देश दिए गए हैं। सोशल मीडिया के जरिए ऐसे लोगों पर नजर रखने व अफवाहों से बचने की अपील भी कराई जा रही है।

अभी तक घटी घटनाओं में जौनपुर के शाहगंज कोतवाली क्षेत्र के मदरहां गांव में बीते सोमवार एक विक्षिप्त महिला को लोगों ने पीटकर निर्वस्त्र कर दिया था। पुलिस ने इस मामले में चार पर मुकदमा दर्ज किया। उनमें से तीन को गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया। आगरा जिले में मारपीट की आठ घटनाओं में 250 के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई, 14 को जेल भेजा गया। इटावा में अफवाह फैलने के 11 मामले सामने आए। गायब हुए तीन बच्चे कुछ दिन बाद घर लौट आए। दो मामलों में मुकदमा हुआ। फतेहपुर में बुधवार को स्वास्थ्य परीक्षण को गई मेडिकल टीम पर ग्रामीणों ने बच्चा चोर समझकर पथराव किया। अंबेडकरनगर, श्रवस्ती, बरेली, बदायूं, बहराइच, रायबरेली, बरेली, मथुरा, बुलंदशहर, आजमगढ़, रामपुर, सहारनपुर, आगरा जैसे जिलों में बच्चा चोरी की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, पर इनमें एक भी बच्चा चोरी नहीं हुआ है। सब अफवाह साबित हुए हैं।

--आईएएनएस



Source : ians

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