छत्तीसगढ़ में आरक्षण बढ़ाकर कोई अहसान नहीं किया : बघेल

रायपुर, 9 सितंबर (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ में आरक्षण का दायर बढ़ाकर 82 प्रतिशत किए जाने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि अन्य पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाति का आरक्षण बढ़ाकर उन्होंने उनके प्रति कोई अहसान नहीं किया है, बल्कि उन्हें उनका संविधान प्रदत्त अधिकार देने का काम किया है।

मुख्यमंत्री ने रविवार को बलौदाबाजार में आयोजित विकास कायरें के भूमिपूजन और लोकार्पण कार्यक्रम में कहा, सभी समूहों को मिलाकर छत्तीसगढ़ में आरक्षण अब 82 प्रतिशत हो गया है। देश में सबसे ज्यादा आरक्षण प्रदान करने वाला पहला राज्य हो गया है। इससे वंचित समाज मजबूत होगा।

उन्होंने कहा, आरक्षण बढ़ाकर हमारी सरकार ने बाबा साहेब आम्बेडकर और बी़ पी़ मण्डल के सपनों को साकार किया है। राज्य में आरक्षण 82 प्रतिशत पर पहुंच गया है। राज्य में आरक्षण के नए प्रावधानों के तहत अनुसूचित जाति का आरक्षण 12 प्रतिशत से बढ़कर 13 प्रतिशत और अन्य पिछड़ा वर्ग का 14 प्रतिशत से बढ़कर 27 प्रतिशत हो गया है। अनुसूचित जनजाति वर्ग के आरक्षण में कोई बदलाव नहीं किया गया है और वह पूर्व की तरह 32 प्रतिशत ही रहेगा। इसके अलावा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण भी राज्य में प्रभावी हो गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा, वर्ष 2021 की जनगणना में अनुसूचित जाति की जितने प्रतिशत जनसंख्या होगी, उतना आरक्षण दिया जाएगा। फिलहाल वर्ष 2011 की जनगणना में 13 प्रतिशत आबादी उनकी है। संविधान के अनुरूप काम करते हुए हमने 10 प्रतिशत आरक्षण गरीब सवर्ण को भी दिए हैं।

-- आईएएनएस

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