कश्मीर मुद्दे को अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में नहीं उठा सकते : पाकिस्तानी कानून मंत्रालय

इस्लामाबाद, 13 सितम्बर (आईएएनएस)। पाकिस्तान के कानून मंत्रालय ने प्रधानमंत्री इमरान खान से शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान सरकार कश्मीर मुद्दे को हेग स्थित अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) में नहीं उठा सकती।

पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, कानून मंत्रालय ने सुझाव दिया है कि मामले को संयुक्त राष्ट्र आमसभा या सुरक्षा परिषद में उठाया जाना चाहिए जिससे इसे निर्धारित तरीकों से आईसीजे में ले जाया जा सके। मंत्रालय ने कहा कि अभी भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर मुद्दे को आईसीजे में ले जाने पर कोई करार नहीं है।

संघीय सरकार ने कानून मंत्रालय से पूछा था कि कश्मीर मसले को आईसीजे में ले जाने के मानदंड क्या हैं। इस पर मंत्रालय ने अपना जवाब दिया है।

इससे पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा था कि सरकार ने कश्मीर मामले को आईसीजे में ले जाने का फैसला किया है। आश्चर्य की बात यह है कि उन्होंने तब यह दावा भी किया था कि सभी कानूनी पहलुओं पर विचार करने के बाद यह फैसला लिया गया है।

पाकिस्तान के कानून मंत्री बैरिस्टर फरोग नसीम ने एक्सप्रेस न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में भी यही बात कही कि पाकिस्तान कश्मीर मामले को एकतरफा तौर पर आईसीजे में नहीं उठा सकता।

उन्होंने कहा कि कश्मीर मामले में पाकिस्तान का कानूनी पक्ष मजबूत है। नियमों के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र महासभा या सुरक्षा परिषद मानवाधिकार उल्लंघन के मामले को आईसीजे में भेज सकती है। लेकिन, उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमानुसार किसी देश की सरकार यो कोई एनजीओ या कोई अकेला व्यक्ति सीधे मामले को आईसीजे में नहीं उठा सकता। किसी मामले के दोनों पक्ष अगर सहमत हों तो ही मामले को आईसीजे में उठाया जा सकता है। कश्मीर मामले में भारत और पाकिस्तान में ऐसी कोई सहमति नहीं है, इसलिए इसे आईसीजे में नहीं उठाया जा सकता।

--आईएएनएस

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