झारखंड : कांग्रेस में तकरार, सुखदेव, रामेश्वर फिर आमने-सामने

रांची, 14 सितंबर (आईएएनएस)। इस साल के अंत में होने वाले झारखंड विधानसभा चुनाव को लेकर जहां सभी राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति को सरजमीं पर उतारना शुरू कर दिया है, वहीं कांग्रेस अभी अपने भितरखाने कलह भी कम नहीं कर सकी है। वैसे झारखंड कांग्रेस में तकरार कोई नई बात भी नहीं है, और दो वरिष्ठ नेता एकबार फिर आमने-सामने आ गए हैं।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोहरदगा के विधायक सुखदेव भगत ने पार्टी के मौजूदा अध्यक्ष पर ही आरोप लगा दिया है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा के लिए काम कर रहे थे, और उनके पास इसका पुख्ता प्रमाण भी है। इस बाबत उन्होंने एक आडियो टेप का हवाला दिया है।

उन्होंने रामेश्वर उरांव पर आरोप लगाते हुए कहा, रामेश्वर उरांव एक साजिश के तहत मेरे बारे में भ्रम फैला रहे हैं कि मैं भाजपा में जा रहा हूं, ताकि मेरी राजनीतिक साख समाप्त हो जाए।

भगत ने ऐसे लोगों को कांग्रेस का दायित्व देने पर भी प्रश्न खड़ा करते हुए कहा कि उरांव की कारगुजारियों को पहले ही कांग्रेस प्रभारी को जानकारी दे दी गई थी।

उल्लेखनीय है कि भगत लोकसभा चुनाव के दौरान लोहरदगा से कांग्रेस के प्रत्याशी थे और कम मतों के अंतर से वह चुनाव हार गए थे। उस समय भी भगत ने रामेश्वर उरांव पर विरोधियों के लिए काम करने का आरोप लगाया था।

भगत के इन आरोपों को हालांकि रामेश्वर उरांव ने सिरे से नकार दिया है। उन्होंने कहा, वह (भगत) राजनीति में मेरे बाद आए हैं। या कहें मैंने ही उन्हें राजनीति में आने में मदद की है। मेरी सलाह है कि ऐसे बयान देने से उन्हें बचना चाहिए।

उरांव ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान उनके (उरांव) पास चतरा, खूंटी और हजारीबाग की जिम्मेदारी थी।

कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुखदेव भगत के इस आरोप और इस पर उरांव की प्रतिक्रिया के बाद कांग्रेस में विवाद बढ़ने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने पिछले दिनों भारतीय पुलिस सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी डॉ. रामेश्वर उरांव को प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व सौंपा है।

कांग्रेस आलाकमान ने इसके साथ ही राजेश ठाकुर, केशव महतो कमलेश, मानस सिन्हा, संजय पासवान और इरफान अंसारी को कार्यकारी अध्यक्ष मनोनीत किया है।

--आईएएनएस

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