चीन हमेशा मानवाधिकार का प्रवर्तक और प्रेरक बनेगा : ल्यू हुआ

बीजिंग, 14 सितम्बर (आईएएनएस)। चीनी विदेश मंत्रालय की मानवाधिकार मामले पर विशेष प्रतिनिधि ल्यू हुआ ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 42वें सम्मेलन के दौरान कहा कि हर आदमी को मानवाधिकार मिलना चाहिए और चीन ने मानवाधिकार की प्रमुख उपलब्धियां हासिल की हैं। चीन हमेशा मानवाधिकार कार्य का प्रवर्तक, कार्यान्वयनकर्ता और प्रेरक बनेगा।

ल्यू हुआ ने कहा कि चालू साल में चीन लोक गणराज्य की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ है। 70 वर्षो में सीपीसी के मजबूत नेतृत्व में चीनी जनता ने मानवाधिकार सुनिश्चित करने का शानदार अध्याय जोड़ा है। चीन विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। वर्ष 2018 में चीन की जीडीपी 900 खरब युआन से अधिक रही। कई वर्षो तक विश्व आर्थिक वृद्धि में चीन का योगदान 30 प्रतिशत से अधिक रहा। चीन ने लगभग 1 अरब 40 करोड़ लोगों के खाने और कपड़े की समस्या का समाधान किया और 85 करोड़ लोगों को गरीबी से मुक्त किया। वर्ष 2020 में चीन पूरी तरह गरीबी को दूर करेगा।

ल्यू हुआ ने कहा कि चीन ने मानवाधिकार के सम्मान और गारंटी को संविधान और सीपीसी चार्टर में शामिल किया और सपूर्ण खुशहाल समाज के निर्माण का एक मुख्य लक्ष्य निर्धारित किया। अब चीन में मानवाधिकार की गारंटी के लिए संपूर्ण कानूनी व्यवस्था स्थापित की गई है।

(साभार---चाइना रेडियो इंटरनेशनल, पेइचिंग)

--आईएएनएस

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