प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रपति भवन के ऊपर ड्रोन उड़ाते हिरासत में लिए गए 2 अमेरिकी रिहा (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)

नई दिल्ली, 16 सितम्बर (आईएएनएस)। राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय के ऊपर नो फ्लाइंग जोन में ड्रोन उड़ता देखकर देश की खुफिया एजेंसियों और दिल्ली पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। घटना शनिवार शाम 5 से 6 बजे के बीच की है। इस सिलसिले में दिल्ली पुलिस ने दो अमेरिकी नागरिकों को हिरासत में लिए जाने की पुष्टि की है।

नई दिल्ली जिले के पुलिस उपायुक्त डॉ. ईश सिंघल ने आईएएनएस से इस घटना की पुष्टि की है और कहा कि ड्रोन उड़ाने के आरोप में हिरासत में लिए गए दोनों अमेरिकी नागरिक रिश्ते में पिता-पुत्र हैं।

सिंघल ने बताया, पिता-पुत्र को फिलहाल पुलिस हिरासत से छोड़ दिया गया है। लेकिन उनके कब्जे में मिले ड्रोन को जब्त कर लिया गया है।

डीसीपी के मुताबिक, देश के सर्वाधिक संवेदनशील और नो फ्लाइंग जोन इलाके में ड्रोन उड़ाने के पीछे का मकसद जानने के लिए देश की खुफिया एजेंसियों और दिल्ली पुलिस ने शनिवार देर रात तक दोनों संदिग्धों से सघन पूछताछ की। उन्होंने कहा, वजह अभी तक साफ नहीं हो पाई है। लेकिन जांच फिलहाल बंद नहीं की गई है।

दिल्ली पुलिस के एक उच्च पदस्थ सूत्र ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर आईएएनएस को बताया, यह मामला बेहद संवेदनशील स्थान पर ड्रोन उड़ाए जाते पकड़े जाने का है। हिरासत में लिए गए पिता-पुत्र अमेरिकी नागरिक हैं। ऐसे में भारतीय खुफिया एजेंसियां जांच पूरी होने तक खुलकर कुछ भी नहीं बोलेंगी। हां एहतियातन पुलिस ने नई दिल्ली जिले के थाना साउथ एवेन्यू में घटना वाली रात ही डेली डायरी (डीडी) में पूरा घटनाक्रम दर्ज कर लिया था, ताकि आइंदा वक्त जरूरत के हिसाब से कानूनी रिकॉर्ड मौजूद रहे। यह पुलिस कार्रवाई 65 दिल्ली पुलिस एक्ट में की गई बताई जाती है।

घटनाक्रम के मुताबिक, किसी राहगीर ने प्रधानमंत्री कार्यालय और राष्ट्रपति भवन के ऊपर ड्रोन उड़ते देखा। काफी कोशिश के बाद भी वह राहगीर यह नहीं समझ पाया कि ड्रोन कहां से उड़ाया जा रहा है और कौन उड़ा रहा है। लिहाजा उसने पुलिस को सूचित कर दिया। पुलिस को सबसे पहले जिस मोबाइल नंबर से सूचना दी गई वह आईएएनएस के पास मौजूद है।

भारत के प्रधानमंत्री कार्यालय और राष्ट्रपति भवन के ऊपर ड्रोन की खबर से दिल्ली पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। पहली नजर में दिल्ली पुलिस को यह खबर किसी शरारती तत्व की हरकत भर लगी। लेकिन चूंकि सूचना बेहद संवेदनशील थी, इसलिए थाना साउथ एवेन्यू से एक सिपाही को मोटर साइकिल से सूचना की पुष्टि के लिए रवाना किया गया।

दिल्ली पुलिस मुख्यालय के एक सूत्र ने आईएएनएस को बताया, थाना साउथ एवेन्यू से मौके पर पहुंचे सिपाही ने जब नो फ्लाइंग जोन में ड्रोन उड़ता हुआ अपनी आंख से देखा तो उसने इसकी सूचना तत्काल साउथ एवेन्यू थाना प्रभारी को दी। इस सबके बाद भी सिपाही राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री कार्यालय के आसपास ही मोटर साइकिल लेकर मंडराता रहा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर ड्रोन उड़ कहां से रहा है और उसे कौन उड़ा रहा है?

सिपाही से खबर मिलते ही मौके पर दिल्ली पुलिस नियंत्रण कक्ष की कई गाड़ियां, नई दिल्ली जिले के तमाम अफसरान, साउथ एवेन्यू थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। लेकिन इन सबके पहुंचने से पहले ही सिपाही ने विदेशी टूरिस्ट पार्किं ग में दो अमेरिकी नागरिकों को ड्रोन उड़ाते पकड़ लिए।

पुलिस के अनुसार, दोनों को पूछताछ के लिए साउथ एवेन्यू थाने ले जाया गया। साथ ही दो अमेरिकी नागरिकों को ड्रोन उड़ाने के आरोप में हिरासत में लिए जाने की खबर दिल्ली पुलिस ने भारतीय खुफिया एजेंसियों को भी दे दी, ताकि थाने में संदिग्धों से संयुक्त रूप से पूछताछ की जा सके।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, देर रात तक चली पूछताछ में दोनों अमेरिकी नागरिकों ने रिश्ते में खुद को पिता-पुत्र बताया। उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री कार्यालय और राष्ट्रपति भवन के ऊपर ड्रोन उड़ाने की बात भी कबूल ली। देश की सर्वाधिक संवेदनशील जगह पर ड्रोन उड़ाने के पीछे जो मकसद उन्होंने भारतीय खुफिया एजेंसियों को बताया है, वह आसानी से गले नहीं उतर रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, दोनों अमेरिकी नागरिक चार दिनों से दिल्ली में थे। दोनों दिल्ली के मौर्या शेरटन होटल में ठहरे थे।

सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि हिरासत में लिया गया पिता (लगभग 50 साल) अमेरिका में बागवानी के काम से जुड़ा है, जबकि उसका 30 साल बेटा प्रोफेशनल वीडियोग्राफर है।

-- आईएएनएस

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