पाकिस्तान : दंगे के शिकार हिंदू समुदाय के समर्थन में आए मुसलमान

कराची, 16 सितम्बर (आईएएनएस)। पाकिस्तान के सिंध प्रांत के घोटकी में हिंदू समुदाय के खिलाफ मुस्लिम समाज के एक समूह ने अगर हिंसा की तो इसी समाज का एक हिस्सा इसी शहर में हिंदू समाज की सुरक्षा के लिए आगे आया और इसने हिंसा की निंदा करते हुए शांति मार्च भी निकाला। इस वजह से यह हिंसा एक दिन से अधिक नहीं चल सकी।

सोशल मीडिया पर भी इस दंगे की व्यापक आलोचना की गई और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी के लिए मुहिम छेड़ी गई, जो कि पाकिस्तान में ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा है।

राजनैतिक दलों, सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने हिंदू समुदाय के लोगों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया।

पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, दंगाइयों के निशाने पर साचो सतराम दास मंदिर रहा। इस पर हमला किया गया। लेकिन, हिंदू समुदाय के सदस्यों ने उस वक्त राहत की सांस ली, जब राजनैतिक और सामाजिक संगठनों के सदस्य बड़ी संख्या में इस मंदिर में पहुंचे और इसकी पूर्ण सुरक्षा का वादा किया। बड़ी संख्या में लोग रात भर मंदिर की हिफाजत करते रहे और जागते रहे।

सिविल सोसाइटी के सदस्यों ने सोशल मीडिया का सहारा लेकर प्रशासन से हिंदू समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा। घोटकी इलाके में हिंदू समुदाय की लड़कियों के जबरन धर्म परिवर्तन में शामिल मियां मिट्ठू नामक व्यक्ति की गिरफ्तारी की मांग ट्विटर पर ट्रेंड कर रही है।

घोटकी की घटना की सोशल मीडिया पर सबसे पहले विस्तृत जानकारी देने वाले सामाजिक कार्यकर्ता सिकंदर अली हुल्लियो ने कहा कि पूरा घोटकी जिला एक खास धार्मिक समूह के समर्थकों का बंधक बन गया है। इस तरह की घटनाएं अल्पसंख्यक समुदायों में वंचना का अहसास पैदा करती हैं, जो सिंध में सदियों से शांतिपूर्वक रह रहे हैं।

जमीयते-उलमा-ए-इस्लाम (फजल) ने शहर में शांति मार्च निकाला और सद्भाव बनाए रखने की अपील की। मार्च का नेतृत्व मौलाना राशिद सूमरो ने किया, जिन्होंने अपने समर्थकों से कानून का सम्मान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिसने ईश निंदा की है, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो, लेकिन इस्लाम अल्पसंख्यकों को और उनकी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की इजाजत नहीं देता।

पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के सांसद व हिंदू समुदाय के वरिष्ठ नेता खील दास कोहिस्तानी ने कहा कि ऐसी घटनाएं सिंध में धार्मिक सद्भाव बिगाड़ती हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने सिंध के मुख्यमंत्री से हिंदू समुदाय के धर्मस्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने जमीयते-उलमा-ए-इस्लाम (फजल) के शांति मार्च की सराहना की।

सिंध सरकार के कुछ मंत्री भी घोटकी पहुंचे और उन्होंने हिंदू समुदाय के सदस्यों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि सरकार दंगे में क्षतिग्रस्त हुए मंदिर की मरम्मत कराएगी।

--आईएएनएस

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