फर्जी क्राइम-ब्रांच चलाने वाले असली मियां-बीवी गिरफ्तार

पुलिस उपायुक्त विजयंता आर्या ने आईएएनएस को बताया कि गिरफ्तार धोखेबाजों में दीपक कुमार (33) और ज्योति रिश्ते में पति-पत्नी हैं, जबकि तीसरी धोखेबाज का नाम पूनम सेठी(43) है। दीपक और ज्योति दिल्ली से सटे गाजियाबाद में रहते हैं। दीपक पहले टूर और ट्रैवल तथा प्रापर्टी डीलिंग के धंधे से जुड़ा था।

आर्या के अनुसार, कुछ समय पहले दीपक, सोशल मीडिया के जरिए पूनम सेठी के संपर्क में आया। दोनों ने मिलकर फर्जी क्राइम ब्रांच और अपना फर्जी इंटेलिजेंस ब्यूरो बना डाला। इसके बाद दोनों ने मिलकर दीपक की पत्नी ज्योति को भी ठगी के इस काले कारोबार में जोड़ लिया।

डीसीपी आर्या ने बताया, गिरफ्तार ठग पूनम सेठी शाहदरा, मंडोली रोड दिल्ली की रहने वाली है। दरअसल गैंग की मास्टरमाइंड यही है। कहने को पूनम सेठी केवल 12वीं पास है। लेकिन आसानी से बिना कुछ करे-धरे मोटी असामी बनने का आइडिया पूनम सेठी का ही था।

पुलिस के अनुसार, इस फर्जी क्राइम ब्रांच के खिलाफ 15 सितंबर को उस्मानपुर निवासी एक शख्स ने थाना सुभाष प्लेस में शिकायत दी थी। शिकायत में कहा गया था कि कुछ लोग क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर उससे पांच लाख रुपये वसूलने की कोशिश में लगे हैं।

इसी शिकायत के आधार पर जिला डीसीपी ने सहायक पुलिस आयुक्त संजीव कुमार के नेतृत्व में थाना प्रभारी (सुभाष प्लेस) इंस्पेक्टर सतीश कुमार, सब इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह, धरमबीर, सिपाही सतेंद्र और महिला सिपाही नीरज की टीम इस नकली क्राइम ब्रांच के भंडाफोड़ के लिए गठित कर दी। जब फर्जी क्राइम ब्रांच के ब्लैकमेलर महिला-पुरुष अधिकारियों का सामना असली पुलिस से हुआ तो पूरे मामले का भांडा फूट गया।

डीसीपी आर्या ने आगे बताया, गिरफ्तार फर्जी क्राइम ब्रांच गैंग के कब्जे से पुलिस टीम को चार मोबाइल फोन। दोस्त पुलिस का एक फर्जी परिचय-पत्र, जिसके पीछे प्रेस लिखा है, तथा नेशनल क्राइम इंटेलिजेंस ब्यूरो का एक फर्जी परिचय-पत्र मिला है।

-- आईएएनएस

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