पाकिस्तान : तनाव में थी हिंदू छात्रा, मौत मामले की जांच में खुलासा

पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, शहीद मोहतरमा बेनजीर भुट्टो मेडिकल विश्वविद्यालय के बीबी आसिफा डेंटल कॉलेज की छात्रा नम्रता कुमारी की मौत मामले की जांच के सिलसिले में पुलिस ने तीस से अधिक शिक्षकों व विद्यार्थियों से पूछताछ की है और उनके बयान दर्ज किए हैं। इनमें से एक कॉलेज के वरिष्ठ प्रोफेसर अमर लाल भी हैं।

प्रोफेसर लाल ने पुलिस को बताया कि नम्रता कुछ समय से किसी बात को लेकर तनाव में थी और परेशान रहती थी। वह कई बार उनसे मिलने आई। लाल ने कहा कि उनसे मिलने के दौरान वह रो पड़ती थी और कहती थी कि वह परेशानी का शिकार है। वह कहती थी कि उसे इस समस्या से निकलने के लिए हिम्मत चाहिए।

प्रोफेसर लाल ने कहा कि उन्होंने जब भी नम्रता से पूछा कि आखिर परेशानी है क्या तो उसने कुछ नहीं बताया। बस, वह यही कहती थी कि उसे समस्या से निकलने के लिए हिम्मत चाहिए। इस पर उन्होंने उससे कहा कि वह योग कर अपने तनाव से उबरने की कोशिश करे।

इस मामले में पुलिस ने नम्रता के जिन दो सहपाठियों को गिरफ्तार किया है, उनमें से एक महरान अली अबरो ने पुलिस को बताया कि नम्रता उससे शादी करना चाहती थी। लेकिन, उसने शादी करने से इनकार कर दिया था। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि पुलिस को सीसीटीवी फूटेज मिला है, जिसमें महरान और नम्रता रात नौ बजे के करीब एक साथ बैठे दिख रहे हैं। पुलिस इस मामले में वसीम मेमन नामक व्यक्ति को भी जांच के दायरे में लिए हुए है, जो इन दोनों के रिश्तों में दिलचस्पी ले रहा था।

रिपोर्ट में कहा गया है कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मसूद बंगश ने नम्रता के परिजनों से कई बार मिलकर उनसे मुकदमा दर्ज कराने को कहा है। घर वाले विश्वविद्यालय की कुलपति का नाम प्राथमिकी में डलवाने पर अड़े हुए हैं, जबकि हिंदू समुदाय के संभ्रांत लोग नम्रता के घरवालों से ऐसा नहीं करने के लिए कह रहे हैं, क्योंकि उनका कहना है कि इससे केस कमजोर होगा।

पुलिस को नम्रता की अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। प्रारंभिक रिपोर्ट में संकेत दिया गया कि उसकी मौत की वजह खुदकुशी हो सकती है, लेकिन इस बात को नम्रता के भाई विशाल ने खारिज किया, जो कि खुद एक चिकित्सक हैं। उनका कहना है कि नम्रता की हत्या की गई है।

--आईएएनएस

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