बिहार में बाढ़ के हालात, निचले इलाकों में बढ़ रहा पानी

पटना, 23 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार में एकबार फिर बाढ़ की स्थिति बन गई है। बिहार में गंगा सहित कई प्रमुख नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के बाद सोमवार को पटना सहित कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है।

बक्सर, खगड़िया व भोजपुर सहित कई जिलों के निचले इलाकों में बाढ़ के कारण लोग गांव छोड़कर ऊंचे स्थानों पर जाने लगे हैं। इस बीच राज्य आपदा प्रबंधन विभाग का दावा है कि प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव का कार्य शुरू कर दिया गया है।

बिहार में गंगा नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे गंगा के तटीय क्षेत्रों में पटना और इसके आसपास के इलाकों में भी पानी प्रवेश कर गया है। गंगा के उफान के कारण बक्सर, भागलपुर और मुंगेर में भी बाढ़ का पानी गांवों में प्रवेश करने लगा है।

पटना के बख्तियारपुर में दियारा क्षेत्र जलमग्न हो गया। इन इलाकों में लगी सैकड़ों एकड़ फसल पानी में डूबकर बर्बाद हो गई।

इधर, जल संसाधन विभाग के एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि राज्य में अधिकांश नदियां उफान पर हैं। गंगा नदी बिहार में बक्सर, पटना के दीघाघाट, गांधीघाट, हाथीदह, भागलपुर जिला के कहलगांव और मुंगेर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

बागमती नदी डूबाधार और कटौंझा में खतरे के निशान को पार कर चुकी है, जबकि बूढ़ी गंडक खगड़िया में तथा कमला बलान नदी मधुबनी में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

आपदा प्रबंधन विभाग का दावा है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य चलाया जा रहा है।

आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने बताया कि बाढ़ प्रभावित बक्सर, भोजपुर, समस्तीपुर, लखीसराय, बेगूसराय, खगड़िया और भागलपुर में राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। राहत और बचाव में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को लगाया गया है। बाढ़ प्रभावित इलाकों से लोगों को बाहर निकालने के लिए करीब 300 नावों का परिचालन हो रहा है।

--आईएएनएस

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