आजम खान को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, जौहर विश्वविद्यालय मामले में एफआईआर पर रोक

प्रयागराज, 25 सितंबर (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खान को इलाहाबाद हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाई कोर्ट ने बुधवार को मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से संबंधित सभी भूमि मामलों पर अगले आदेश तक आजम के खिलाफ लगाई एफआईआर पर रोक लगा दी है।

कोर्ट ने रामपुर के अजीमनगर थाने में किसानों की ओर से दर्ज एफआईआर में उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। साथ ही कोर्ट ने जयाप्रदा को भी नोटिस जारी किया है और राज्य सरकार व अन्य विपक्षियों से भी जवाब मांगा है। अब याचिका की सुनवाई 24 अक्टूबर को होगी।

इलाहाबाद हाईकोर्ट में जस्टिस मनोज मिश्र और जस्टिस मंजू रानी चौहान की डिविजन बेंच ने आजम की याचिका पर सुनवाई की और उनके खिलाफ दर्ज 29 मामलों पर रोक लगा दी। बताया जा रहा है कि इस आधार पर अब आजम को दूसरे मुकदमों में भी राहत मिल सकती है। इससे पहले मंगलवार को रामपुर स्थित आजम खान के आवास के मुख्य द्वार पर उनके खिलाफ जमीन हड़पने समेत तमाम केसों से जुड़े कोर्ट के नोटिस चिपकाए गए थे।

अधिवक्ता कमरुल हसन सिद्दीकी व सफदर काजमी ने बताया कि रामपुर में मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की जमीन को लेकर किसानों को लोकसभा चुनाव में भाजपा की प्रत्याशी रहीं जयाप्रदा ने उकसाकर एफआईआर दर्ज कराई हैं। आजम के खिलाफ राजनीति से प्रेरित होकर 29 एफआईआर दर्ज कराई गई हैं। उन्होंने बताया कि किसानों ने आजम पर जबरन जमीन हड़पने व कब्जा करने का आरोप लगाया है। याचिका में राज्य सरकार पर बदले की कार्रवाई करने का आरोप लगाया गया है।

हाईकोर्ट की डिविजन बेंच ने सपा सांसद आजम खान की याचिका पर सुनवाई के बाद उनके खिलाफ दर्ज 29 मामलों पर स्टे दे दिया।

ज्ञात हो कि आजम खान के खिलाफ रामपुर प्रशासन और अन्य लोगों ने अभी तक 85 से ज्यादा मुकदमे दर्ज कराए हैं। इनमें भैंस चोरी, बकरी चोरी, मदरसा से किताबों की चोरी, बिजली चोरी, गैर इरादतन हत्या, लूटपाट, धोखाधड़ी सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से कई मामलों में उनकी पत्नी तजीन फातिमा, दोनों बेटे और दिवंगत मां का नाम भी शामिल है। रामपुर प्रशासन की ओर से आजम को भू-माफिया भी घोषित किया जा चुका है।

--आईएएनएस

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