मप्र : हनीट्रैप कांड से भाजपा में हलचल, हाईकमान ने मांगी रिपोर्ट

भोपाल/इंदौर, 25 सितम्बर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के हाई प्रोफाइल हनीट्रैप मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं के महिलाओं के साथ कथित करीबी संबंधों ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। मामले से जुड़ी एक महिला के साथ पार्टी के कई बड़े नेताओं के मंच साझा करने वाली तस्वीरों ने भाजपा की मुसीबतें बढ़ा दी है। यही कारण है कि पार्टी हाईकमान ने प्रदेश के नेताओं से हनीट्रैप कांड से संबंझित संपूर्ण रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।

कांग्रेस के पूर्व विधायक अरुणोदय चौबे ने हनीट्रैप कांड में पकड़ी गई एक महिला की भाजपा के कार्यक्रमों में मंच साझा करने और इसके उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार करते हुए तस्वीरें जारी की हैं। चौबे ने कहा, इन दिनों जेल में बंद श्वेता विजय जैन ने वर्ष 2008 और 2013 के विधानसभा चुनाव में खुरई से भाजपा के उम्मीदवार और पूर्व मंत्री के लिए स्टार प्रचारक के तौर पर प्रचार किया था।

वहीं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी इस महिला का नाम लेते हुए भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और अरविंद मेनन पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा , श्वेता विजय जैन भारतीय युवा मोर्चा सागर की महामंत्री थी कि नहीं, कैलाश विजयवर्गीय विजय जैन की दुकान का उद्धाटन करने सागर गए थे कि नहीं, अरविंद मैनन की नजदीकी थी कि नहीं, यह बड़े सवाल हैं। इनका जवाब देना चाहिए।

भाजपा युवा मोर्चा (भाजयुमो) के प्रदेशाध्यक्ष रहे जीतू जिराती ने भी अपने बयान में जैन की मौजूदगी साबित कर दी। उन्होंने कहा, जब मैं अध्यक्ष था, उस समय श्वेता जैन महामंत्री नहीं थी, बल्कि वह कार्यसमिति सदस्य थी। कार्यसमिति में साढ़े तीन सौ सदस्य थे। सरकार जांच कराए और दोषियों को सजा दी जाए।

सूत्रों का कहना है कि भाजपा द्वारा संगठन की मजबूती के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से आए कार्यकर्ताओं को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जाती है। संभाग स्तर पर संगठन मंत्री भी बनाए जाते हैं। ऐसे ही कुछ पुराने पदाधिकारियों पर भी महिलाओं से करीबी रिश्तों के आरोप लग रहे हैं। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री के साथ ही पूर्व मंत्रियों के भी महिलाओं से रिश्तों की चर्चा जोर पकड़ने लगी है। इसी बीच हाईकमान ने भी मामले को गंभीरता से लिया और स्पष्टीकरण के तौर पर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

भाजपा के नेता हालांकि इस मामले पर ज्यादा बोलने से बच रहे है। भाजपा नेताओं ने हनीट्रैप कांड की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है, वहीं राज्य सरकार ने पूरा मामला एसआईटी को सौंप दिया है।

भाजपा के मुख्य प्रवक्ता डॉ. दीपक विजयवर्गीय का कहना है कि हनीट्रैप कांड की पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस आपराधिक मामले को खास राजनीतिक दिशा देना चाह रही है।

उन्होंने कहा, इस मामले में कांग्रेस के चार मंत्रियों और विधायकों के नाम सामने आने पर कमलनाथ सरकार हरकत में आई। अब सरकार इसे कुछ और रंग देना चाह रही है। यही कारण है कि थानेदार बदले गए। एटीएस प्रमुख बदले गए और अपनी पसंद के लोग बैठा दिए गए हैं। इससे लगता है कि सरकार की नीयत सही नहीं है।

ज्ञात हो कि हनीट्रैप मामले में अभी तक पांच महिलाओं और एक पुरुष की गिरफ्तारी हो चुकी है। तीन महिलाएं और पुरुष जेल में है, जबकि दो महिलाएं पुलिस रिमांड पर है।

अभी तक की पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि महिलाओं के राज्य के बाहर भी लोगों से संपर्क थे। इनके पास से जब्त मोबाइल, लैपटॉप आदि में पुलिस को बड़ी संख्या में वीडियो व ऑडियो क्लिप मिल चुके हैं।

--आईएएनएस

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