शतरंज : डब्ल्यूवाईसीसी 1 अक्टूबर से मुम्बई में, 6 विश्व खिताब दांव पर

मुम्बई, 26 सितम्बर (आईएएनएस)। वर्ल्ड यूथ चेस चैम्पयनशिप की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। एक अक्टूबर से यहां होने वाली इस चैम्पियनशिप के माध्यम से 6 विश्व खिताब दांव पर होंगे।

इस चैम्पियनशिप में 66 देशों के 56 खिताब धारी हिस्सा ले रहे हैं। इनमें तीन ग्रैंड मास्टर भी शामिल हैं। ये सभी अगले 15 दिनों तक खिताब के लिए प्रतिस्पर्धा करते नजर आएंगे। 450 से अधिक प्रतिभागियों में से छह विश्व चैम्पियन हैं। इस प्रतियोगिता में भारत की ओर से 145 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।

भारत के लेटेस्ट सेनसेशन औ्र दुनिया के दूसरे सबसे युवा ग्रैंडमास्टर प्रगनंनंधा आर. इस चैम्पियनशिप में आकर्षण का केंद्र होंगे। यह भारत में आयोजित होने वाली अब तक की सबसे बड़ी शतरंज प्रतियोगिता है। प्रगनंनंधा के अलावा अर्मेनिया के सार्गसायान शांत और भारत के इनियान पी. के रूप में दो और ग्रैंड मास्टर इस चैम्पियनशिप में हिस्सा ले रहे हैं।

यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में यह कहा गया कि इस चैम्पियनशिप में यू-14, यू-16 औ्र यू-18 (लड़के और लड़कियां) वर्गो में छह खिताब दांव पर होंगे।

पद्मश्री और अर्जुन अवार्डी जीएम हरिका द्रोणावल्ली ने वीडियो पर भारतीय खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा, मैं इस बात को लेकर बेहद खुश हूं कि हम इतना अहम टूर्नामेंट आयोजित करने जा रहे हैं। मुझे आशा है कि आने वाले समय में भारत में इसी तरह के बड़े आयोजन होंगे।

द्रोणावल्ली ने कहा, मैंने स्पेन में 2000 में आयोजित वर्ल्ड यूथ चैम्पियनशिप में खेलते हुए अपने पेशेवर करियर का आगाज किया था। मैंने इन चैम्पियनशिप्स में 5-6 पदक जीते। इन आयोजनों में मेरा अनुभव शानदार रहा है।

एक अन्य अजुर्र्न अवार्डी और पद्मश्री जीएम कोनेरू हम्पी ने कहा, भारत शायद पहली बार इतने बड़े टूर्नामेंट का आयोजन कराने जा रहा है। यह युवा खिलाड़ियों और शतरंज प्रेमियों के लिए शानदार मौका है। वे इसके माध्यम से सीख सकते हैं और साथ ही साथ उभरते हुए इंटरनेशनल स्टार्स के साथ कंधा मिलाकर नया सीख सकते हैं।

चेन्नई के खिलाड़ी प्रगनंनंधा के अलावा नागपुर की दिव्या देशमुख पर भी सभी की निगाहें होंगी। वह आने वाले समय में लड़कियों के वर्ग में भारतीय चुनौती की अगुवाई करती हुई दिखेंगी।

आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रवीन जैन ने कहा, यह भारत के लिए सम्मान की बात है। हम आशा करते हैं कि यूथ चैम्पियनशिप के माध्यम से भारत में शतरंज नई ऊंचाइयों को छुएगा। मुझे यकीन है कि हमारे युवा लड़के और लड़कियां इस मौके को सकारात्मक तौर पर लेंगे।

इस चैम्पियनशिप में रूस, अमेरिका, फ्रांस, इटली और अजरबैजान जैसी कुछ शतरंज की महाशक्तियां हिस्सा ले रही हैं। इस चैम्पियनशिप का आयोजन अखिल भारतीय शतरंज महासंघ के बैनर तले आल मराठी चेस एसोसिएशन द्वारा कराया जा रहा है। टूर्नामेंट का आयोजन पवई के रेनेसां होटल में होगा।

भारत ने 2004 में शुरू हुए इस चैम्पियनशिप में युवा स्तर पर अब तक बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कई स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीते हैं।

टूर्नामेंट डाइरेक्टर और फिडे एशियन जोन 3.7 के प्रेसिडेंट रवींद्र डोंगरे ने कहा, हम इस महान पल के लिए फिडे का धन्यवाद करना चाहेंगे। हमें खुशी है कि हम इतने अहम टूर्नामेंट का आयोजन कर रहे हैं।

लड़कों के वर्ग में कुछ अहम खिलाड़ी इस प्रकार हैं : श्रीसवान मारालाकशीकारी (फिडे मास्टर, भारत), मुजरिन वोलोडार (फिडे मास्टर, रूस), सुलेमानी अयदिन (इंटरनेशनल मास्टर, अजरबैजान), डोनसो डियाज सबास्टियन (फिडे मास्टर, चिली), नीमान हांस (इंटरनेशनल मास्टर, अमेरिका), काचारावा निकोलोजी (फिडे मास्टर, जॉर्जिया), अवीला पावास सैंटियागो (फिडे मास्टर, कोलम्बिया), प्रगनंनंधा (ग्रैंड मास्टर, भारत), सार्गसायान शांत (ग्रैंडमास्टर, अर्मेनिया), इनियान पी. (ग्रैंडमास्टर, भारत)।

लड़कियों में अहम खिलाड़ी इस प्रकार हैं : रक्षिता रवि (इंटरनेशनल विमेन मास्टर, भारत), दिव्या देशमुख (विमेन इंटरनेशनल मास्टर, भारत), गुरिफुलिना लेया (विमेन केंडिडेट मास्टर, रूस), बी. गोवराह (विमेन मास्टर, अजरबैजान), मृदुल देशानकर (विमेन केंडीडेट मास्टर, भारत), एस. पोलिना (इंटरनेशनल विमेन मास्टर, रूस), लारा एस. (विमेन मास्टर, जर्मनी), एन ए. (विमेन मास्टर, रूस), ओबोलेनस्तेवा एलेक्जेंड्रा ( विमेन मास्टर, रूस)

--आईएएनएस

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