बाबरी विध्वंस मामले में कल्याण सिंह को मिली जमानत

लखनऊ, 27 सितंबर (आईएएनएस)। बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता कल्याण सिंह शुक्रवार को लखनऊ की विशेष अदालत में पेश हुए। अदालत ने कल्याण सिंह को 2 लाख रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी। हालांकि इस मामले में उनके खिलाफ कई धाराओं में आरोप भी तय हो गए हैं।

इससे पहले, अदालत ने कल्याण सिंह के खिलाफ आरोप तय कर दिया था। उनके खिलाफ धारा 153ए, 153बी व 295 के तहत नियम विरुद्ध इकट्ठा होने, धार्मिक भावनाओं को भड़काने और आपराधिक साजिश रचने का आरोप तय किया गया। अब अयोध्या मामले की सुनवाई कर रहे सीबीआई के विशेष न्यायाधीश की अदालत में कल्याण सिंह पर मुकदमा चलेगा। इसी मामले में इस समय गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

अयोध्या में 6 दिसंबर, 1992 को जब बाबरी मस्जिद का ढांचा गिराया गया था, तब कल्याण सिंह ही प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। दरअसल, सीबीआई की याचिका पर 19 अप्रैल, 2017 को सर्वोच्च न्यायालय ने भाजपा नेता लालकृण आडवाणी, डॉ़ मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, कल्याण सिंह सहित 21 नेताओं पर ढांचा गिराने के आपराधिक षड्यंत्र में शामिल होने का मुकदमा चलाने की अनुमति दी थी।

आरोपियों में जीवित बचे अन्य लोग अदालत में हाजिर होकर अभी जमानत पर हैं। कल्याण सिंह हाल के वर्षो में राजस्थान के राज्यपाल थे। इसलिए संवैधानिक पद पर होने के कारण अदालत ने उन पर बाद में आरोप तय किए जाने की बात कही थी।

कल्याण सिंह के राजस्थान के राज्यपाल पद से हटने के बाद अदालत ने सीबीआई से दस्तावेजी प्रमाण मांगे थे। सीबीआई की तरफ से अभी तक दस्तावेज पेश नहीं किया गया है, इसके बावजूद अदालत ने उन पर मुकदमा चलाने का आदेश दिया है। इससे पहले, कल्याण सिंह ने कहा था कि वह सीबीआई कोर्ट में पेश होकर अपना पक्ष रखने के लिए तैयार हैं।

गौरतलब है कि 6 दिसंबर 1992 को जब अयोध्या में बाबरी मस्जिद को गिराया गया था, उस समय कल्याण सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। कल्याण सिंह पर आरोप था कि उन्होंने वादा किया था कि वह बाबरी मस्जिद के ढांचे को नुकसान नहीं होने देंगे, लेकिन कारसेवकों ने इसके बावजूद मस्जिद को गिरा दिया था। इस घटना के बाद कल्याण सिंह ने इस्तीफा दे दिया था।

--आईएएनएस

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