गांधी, शास्त्री को उप्र विधान परिषद ने दी श्रद्धांजलि

लखनऊ, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर विधान परिषद के 36 घंटे लगातार चलने वाली कार्यवाही में सदस्यों ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी श्रद्घासुमन अर्पित किए। इस दौरान विपक्षी दल के लोग शामिल नहीं हुए। भाजपा के सहयोगी अपना दल (एस) ने सदन की कार्यवाही में भाग लिया।

किसी भी विपक्षी दल का कोई प्रतिनिधि विधान परिषद में नहीं आया। हालांकि सपा के एमएलसी शतरूद्र प्रकाश ने महात्मा गांधी पर लिखा अपना वक्तव्य सदन में भेजा, जिसे स्वीकार किया गया।

नेता सदन डा़ॅ दिनेश शर्मा ने कहा, महात्मा गांधी जी ने हमें जो आजादी का लक्ष्य दिया था, जो उनकी विचारधारा थी, उसे हमें प्राप्त करना है। उनका मानना था कि हमारी मंजिल सही होनी चाहिए और सही रास्ते पर चलकर मंजिल प्राप्त करना ही उचित होता है।

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर विधान परिषद में संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा निर्धारित सतत् विकास लक्ष्यों पर चर्चा के दौरान शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार को 57 निजी विश्वविद्यालयों के प्रस्ताव मिले हैं।

शर्मा ने कहा कि अंग्रेजों ने देश को जरूर लूटा, मगर यहां की संस्कृति और संस्कार इतने मजबूत थे कि उसे अंग्रेज नहीं खत्म कर पाए।

अपना दल के नेता आशीष पटेल ने कहा, हमें महात्मा गांधी के आदर्शो को अपने जीवन में नियमित रूप से लाने से बदलाव आएगा। खाली एक दिन झाडू पकड़ने से नहीं, बल्कि महात्मा गांधी के आदर्शो को अपने जीवन में शामिल करना होगा। गांधी जी के चार मुख्य विचारों स्वच्छता, स्वदेशी, स्वराज और स्वावलंबन पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए। स्वदेशी न केवल एक शब्द, बल्कि गरीब एवं शोषित जनता के लिए रोजगार का एक उदेश्य था।

विधान परिषद में शिक्षक दल के नेता ओम प्रकाश शर्मा ने कहा, गांधी जी कहते थे पाप से घृणा करो, पापी से नहीं। हमें अपने जीवन में इसे लागू करना होगा। बिना नाम लिए मॉब लिंचिंग की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि सड़कों पर भीड़ मार देती है, इस पर सोचने और रोक लगाने की जरूरत है।

सतत् विकास लक्ष्यों पर राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नीलकंठ तिवारी ने कहा कि राज्य सरकार हर विधानसभा क्षेत्र में एक पर्यटन स्थल विकसित कर रही है, जिसका फायदा स्थानीय लोगों को मिलेगा, साथ ही वन डिस्ट्रिक्ट, वन डेस्टिनेशन पर भी सरकार काम कर रही है।

निर्दलीय समूह के राज बहादुर सिंह चन्देल ने कहा कि महात्मा गांधी स्वयं एक सामान्य इंसान नहीं, महामानव थे। उनके विचार और उनकी सोच ने ही इस देश को आजादी दिलाने में यहां के लोगों, और उस समय के स्वाधीनता संग्राम सेनानियों का मार्ग प्रशस्त किया।

-- आईएएनएस

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