भारत में सफलता हासिल करने के लिए बास्केटबॉल के पास मंच भी, माहौल भी : मुटोम्बो

मुटोम्बो को एनबीए के महान शॉट ब्लॉर्क्‍स में से एक माना जाता है। मैच के दौरान उनका डिफेंस उनका सबसे बड़ा हथियार था। वह अफ्रीकी देश कांगो में पैदा होने के बाद भी एनबीए तक पहुंचने में कामयाब हुए और 18 सीजन खेले। उन्होंने 1991 में डेनवर नगेट्स के साथ अपने करियर की शुरूआत की और एटलांटा हॉक्स एवं हृयूस्टन रॉकेट्स जैसी शीर्ष टीमों के लिए खेले।

मुटोम्बो को आठ बार एनबीए ऑल स्टार टीम में भी चुना जा चुका है।

एनबीए की दो बड़ी टीमें-इंडियाना पेसर्स और सैक्रामेंटो किंग्स एनबीए इन इंडिया कार्यक्रम के तहत यहां एनएससीआई डोम में दो प्री-सीजन मैच खेलने भारत आई हैं। भारत में पहली बार इन मैचों का आयोजन हो रहा है और दर्शकों में भी इसका उत्साह देखते ही बनता है।

मुटोम्बो के साथ एनबीए के कमिश्नर एडम सिल्वर, एनबीए के डप्यूटी कमिश्नर मार्क टाटुम, सैक्रामेंटो किंग्स के चेयरमैन विवेक रानादिवे, इंडियन पेसर्स के स्टीव सिमन और एनबीए इंडिया के महानिदेशक राजेश सेठी ने यहां बीएमसी मराठी स्कूल में लेगेसी प्रोजेक्ट की नींव रखी।

यह प्रोजेक्ट एनबीए और भारत में बॉस्केटबॉल के विकास के लिए काम कर रहे रिलायंस फाउंडेशन के बीच की साझेदारी का हिस्सा है। इसके तहत देश के कई स्कूलों में एनबीए की ओर से इस खेल से जु़ड़ी आधारभूत संचरना के विकास में मदद की जाएगी।

एनबीए ने कुछ दिन पहले ही भारत में सामुदायिक, युवा बास्केटबॉल और विकास कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की थी। एनबीए का मानना है कि इस कार्यक्रम से देश के हजारों युवाओं, शिक्षकों, कोच और परिवारों पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

इस मौके पर मुटोम्बो ने आईएएनएस से कहा, मुझे लगता है कि एनबीए और इसके परिवार ने एक प्लेटफॉर्म बनाया है, जहां कई सारे लोग इसे फॉलो कर सकते हैं। एनबीए जो कर रहा है, खासकर इसके खिलाड़ी और टीम मालिक, उससे मैं काफी खुश हूं। हम विश्व को एक बेहतर संस्था बनाने की कोशिश में हैं। हम बच्चों को बास्केटबॉल का खेल सिखा रहे हैं।

उन्होंने कहा, लंबे समय तक लोगों ने कहा था कि अफ्रीका में लीग आयोजित कराने की कोई संभावना ही नहीं है। हम वहां कई बार गए। जमीनी स्तर पर कई सारे कार्यक्रम चलाए और बास्केटबॉल का वहां विकास किया।

मुटोम्बो ने कहा, अब बास्केटबॉल वहां तेजी से बढ़ रहा है। मुझे लगता है कि भारत के पास भी वह प्लेटफॉर्म है। हमने चीन और फिलिपिंस में बास्केटबॉल को बढ़ते हुए देखा है। हम क्रिकेट को पछाड़ने की कोशिश नहीं कर रहे हैं, लेकिन युवाओं को मौका दे रहे हैं कि वह सोचें कि वह कौनसा खेल खेलना चाहते हैं।

रिलायंस फाउंडेशन के सभी के लिए शिक्षा और खेल अभियान की शुरूआत 2013 में हुई थी। इसके बाद पूरे देश के करीब 34 शहरों के 10000 से अधिक स्कूलों के 10 लाख बच्चों तक इसकी पहुंच हो चुकी है।

सैक्रेमेंटो किंग्स के अध्यक्ष व मुख्य कार्यकारी अधिकारी विवेक रानादिव ने कहा, हम बास्केटबॉल के मंच का इस्तेमाल बेहतर परिणाम के लिए करना चाहते हैं। इसके लिए हमने अमेरिका इंडिया फाउंडेशन के साथ करार किया है। हम वैसी शिक्षा में निवेश करेंगे जहां भारत के युवाओं का शारीरिक और मानसिक विकास हो।

उन्होंने कहा, मैं खेल के ट्रांसफॉर्मेटिव पॉवर में विश्वास करता हूं और इस खेल को देश में लाना मेरे लिए सम्मान की बात है और लेगेसी प्रोजेक्ट इसी का हिस्सा है।

--आईएएनएस

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