उन्नाव रेप केस: 7 दिन में जांच, 45 दिन में पूरी होगी सुनवाई

उन्नाव रेप केस में सुप्रीम कोर्ट ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। शीर्ष अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए इस केस से जुड़े सभी पांच केसों को उत्तर प्रदेश से दिल्ली ट्रांसफर कर दिया है। साथ ही, अदालत ने सभी मामलों की सुनवाई 45 दिन में पूरा करने का आदेश दिया है। यही नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस पूरे मामले की रोजाना सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट ने पीडि़त परिवार को सीआरपीएफ सुरक्षा देने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने य़ह भी आदेश दिया है कि पीडि़ता को 25 लाख रुपये की आर्थिक  सहायता दी जाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पीडि़त परिवार को यह राशि तुरंत मुहैया कराई जाए। अदालत ने कहा कि इस केस में अगर किसी को और कोई शिकायत हो तो उसकी सुनवाई भी सुप्रीम कोर्ट खुद करेगा।
इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को 7 दिन के भीतर दुर्घटना मामले की जांच पूरी करने का निर्देष दिया है। दरअसल कोर्ट ने सीबीआई से पूछा था कि दुर्घटना की जांच में कितना समय लगेगा, इस पर सॉलिसिटर जनरल ने एक महीने का वक्त मांगा, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सात दिन के भीतर जांच पूरी की जाए।
इससे पहले उन्नाव कांड पर संज्ञान लेते हुए प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा था कि 12 बजे तक सीबीआई के किसी जिम्मेदार अधिकारी को बुलाइए। इस पर मेहता ने कहा कि मामले की जांच कर रहे सीबीआई अधिकारी लखनऊ में हैं। दोपहर तक उनका यहां आना मुश्किल है, इसलिए क्या मामले की सुनवाई कल की जा सकती है।
हालांकि प्रधान न्यायाधीश ने इससे इनकार करते हुए कहा, सीबीआई डायरेक्टर से कहिए कि जांच अधिकारी से फोन पर पूरी जानकारी लें और दोपहर 12 बजे तक कोर्ट को अब तक हुई जांच के बारे में बताएं। दोपहर 12 बजे दोबारा शुरू हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सभी मामलों को दिल्ली ट्रांसफर करने का आदेश दिया।

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