टीचर की पिटाई से 7 बच्चे अस्पताल में भर्ती

नई दिल्ली। बच्चों पर अत्याचार की सनसनीखेज घटना सामने आई है। ओडिशा के जनजातीय बहुल्य जिले नाबरपुर के एक स्कूल में शिक्षक ने छात्रों को इतनी बुरी तरह से पीटा की कि सात बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। ये सभी बच्चे प्राइमरी स्कूल के हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बताया जा रहा है कि आरोपी शिक्षक ने बच्चों की पिटाई सिर्फ इस बात को लेकर की कि वे किसी शब्द का उच्चारण सही से नहीं कर पा रहे थे और किसी शब्द का अर्थ नहीं बता पा रहे थे।

शुक्रवार को सरकरी स्कूल मुरुतमा सेवाश्रम की शिक्षिका जयंतीबाला भत्रा ने तीसरी कक्षा के छात्रों से किसी शब्द का उच्चारण करने और उसका अर्थ बताने को कहा। यहां सात बच्चों ने शब्द का सही उच्चारण नहीं कर पाए।

इसके बाद क्या था टीचर जयंती का गुस्सा सातवें आसमान पर चढ़ गया और थप्पड़ घूसों से बच्चों की पिटाई की। इसके बाद छड़ी उठाई और उससे  बच्चों को बुरी तरह से मारा। बच्चों ने घटना के बारे में अपने घर बताया और अपनी पीठ व हाथ दिखाए तो पूरे शरीर पर पिटाई के निशान थे।

इसके बाद बच्चों के घरवालों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। मार खाने वाले बच्चों में पांच हॉस्टल में रहते हैं जो इतना डरे हुए थे किसी को कुछ बताने को तैयार नहीं थे। वहीं दो बच्चे पास के गांव से आते थे तो वे अपने घर में घटना के बारे में बताया जिसके बाद शिक्षिका के अमानवीय व्यवहार और बच्चों को प्रताड़ित करने का खुलासा हुआ।

मामले में ब्लॉक एजूकेशन ऑफिसर बिकास चंद्र सरकार ने बताया कि जब हास्टल के सुप्रीडेंट ने पांचों बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया तो मामला चर्चा आया। इसके बाद से आरोपी शिक्षिका फरार है। सरकार ने बताया कि सभी स्कूल फ्री पनिशमेंट जोन घोषित हैं और शिक्षिका के खिलाफ जांच की जा रही है।

2004 से ओडिशा सरकार ने  बच्चों को सजा  देने पर रोक लगा थी। आरोप था कि टीचर बच्चों को बुरी तरह से पीटते हैं जिसके बाद राज्य सरकार को कड़ा कदम उठाना पड़ा था। इतना ही नहीं सरकार ने बच्चों को पिटाई से बचाने के लिए एक हेल्पलाइन भी जारी की थी। 

Related News

Leave a Comment