मोदी सरकार युवाओं को रोजगार दे नहीं पायी, अब छीनने में लगी है: कांग्रेस प्रवक्ता

लखनऊ। केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष गंगवार का उत्तर भारतीय नौजवानों की योग्यता पर सवाल उठाना बेहद ही शर्मनाक और देश के युवाओं को हतोत्साहित करने वाला है, सरकार के पास न तो नीति है और न ही कोई योजना है, देश में बेरोजगारी दर पिछले 45 सालों का जहां रिकार्ड तोड़ रही है वहीं बन्द हो रहीं तमाम कम्पनियां, टूट रहे निवेशक, कल कारखानों के बन्द हो रहे संस्थानों से देश की अर्थव्यवस्था भी चौपट हो रही है, हम जीडीपी के मामले में जहां अपने पड़ोसी देशों से ही संघर्ष करते नजर आ रहे हैं उस बीच केन्द्रीय सरकार के एक जिम्मेदार मंत्री का यह बयान स्थितियों को और दयनीय बनाने को प्रेरित करता है।

उक्त बातें उप्र कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता अमित गुरू ने कहा, उन्होंने कहा कि देश के युवा में क्षमता की कमी नहीं है, योग्यता तो इतनी है कि हम उन्हें अवसर नहीं प्रदान कर पा रहे हैं, मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए-1 की सरकार तो पूरे कार्यकाल में रोजगार दे नहीं पायी, इसके विपरीत सिर्फ रेाजगार छीनने का काम कर रही है, नई सरकार के सौ दिन पूरे होने के बाद इस तरह के बयान आने का मतलब साफ है कि रोजगार और घटेंगे, अर्थव्यवस्था और चैपट होगी, विडम्बना यह है कि लोकतंत्र की दुहाई देकर एक तरफ पढ़ा-लिखा वर्ग जिसमें आई.ए.एस. तक आते हैं अपनी सेवा से इस्तीफा दे रहे हैं और यह सरकार योग्यता पर सवाल उठाकर नौजवानों का मजाक बना रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार को साफ करना चाहिए कि वह देश के योग्य युवाओं के लिए आने वाले समय में क्या रूट मैप तैयार करेगी?   यह ऐसा पहला मौका नहीं है इससे पहले उत्तर प्रदेश के मौजूदा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी शिक्षकों की नियुक्ति की बात को लेकर नौजवानों पर आरोप लगाया था कि प्रदेश के युवा योग्य नहीं हैं।

अमित गुरु ने कहा कि कांग्रेस स्पष्ट करती है कि युवाओं को उनका हक मिलेगा, उनकी योग्यता का पूरा सम्मान होगा जिसके लिए हर संभव लड़ाई को कांग्रेस बखूबी लड़ेगी और ऐसे ऊलजुलूल बयानों की निन्दा करेगी।

अमित गुरू ने स्पष्ट किया कि उत्तर भारत के युवाओं ने हमेशा देश के विभिन्न क्षेत्रों में चाहे विज्ञान की बात हो, स्वास्थ्य की बात हो, शिक्षा की बात हो, टेक्नालाॅजी की बात हो या फिर ब्यूरोक्रेसी में अहम मुकाम हासिल करने की बात हो, हमेशा आगे बढ़कर देश का गौरव और मान बढ़ाया है। केन्द्रीय मंत्री श्री संतोष गंगवार को युवाओं का इस तरह मजाक बनाने पर उनसे माफी मांगनी चाहिए।

अमित गुरू ने अपने बयान में आगे कहा कि कितना हास्यास्पद है कि मौजूदा सरकार के मंत्री अपनी योग्यता नहीं देखते। हाल ही में केन्द्रीय मंत्री श्री पीयूष गोयल ने जिस तरह न्यूटन का क्रेडिट आइन्सटीन को दिया था उससे यह साफ हो जाता है कि मौजूदा सरकार के मंत्री ही या तो योग्य नहीं हैं या फिर मुद्दों को लेकर गंभीर नहीं हैं। ऐसे में उन्हें उत्तर भारतीयों की योग्यता पर सवाल उठाने का कोई हक नहीं बनता है। सरकार स्पष्ट करे कि वह युवाओं के लिए करोड़ों रोजगार कब सृजित कर रही है? स्थिति स्पष्ट हो जायेगी कि युवा अयोग्य है या सरकार के पास नीति और नीयति नहीं है।

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