छठवीं की छात्रा अंशिका बनी एक दिन की थानेदार...

हमीरपुर के जरिया के आवासीय विद्यालय की कक्षा 6 की छात्री अंशिका ने एक दिन के लिए जरिया थाना संभाला। कोतवाल बनकर उन्होंने लोगों की फरियाद सुनी और पुलिस कर्मियों को आदेश भी दिए।

यह अनूठी पहल उत्तर प्रदेश में चलाए जा रहे महिला सशक्तीकरण अभियान के तहत सीओ सरीला और जरिया के कोतवाल ने की। अंशिका के साथ आवासीय विद्यालय की छात्राओं ने जाना वह अपनी सुरक्षा कैसे कर सकती हैं, कैसे पुलिस में अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं, पुलिस कैसे काम करती है और थाने कैसे चलते हैं।

हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार शनिवार सुबह वार्डेन गायत्री विद्यालय की छात्राओं को लेकर जरिया थाने पहुंचीं, यहां कोतवाल ने छात्राओं को थाने के बाहर खड़े पहरे से मिलवाया, बताया कि इनकी इजाजत के बगैर कोई थाने में नहीं घुस सकती। कोई रोकने के बावजूद थाने में घुसता है तो इनको गोली चलाने का अधिकार है।

इसके बाद उन्होंने छात्राओं को पूरा थाना घुमया, दंगे के समय प्रयोग होने वाले हथियार आंसू गैस के गोले, प्रोटेक्शन किट दिखाईं। पुलिस के आवास दिखाए और बताया पुलिस कैसे 24 घंटे काम करती है।

थाना घुमाने के बाद कक्षा 6 की छात्रा अंशिका को कोतवाल ने अपनी कुर्सी सौंप उसे एक दिन का कोतवाल बना दिया। कुर्सी में बिठा कर प्रभारी निरीक्षक के कार्यों व कर्तव्यों के बारे में बताया। महिला हेल्प डेस्क, वायरलेस  व अन्य जानकारियां दीं।

वार्डेन गायत्री ने बताया कि एक दिन पहले महिला सशक्तीकरण के कार्यक्रम में सीओ सौम्या पांडेय से मुलाकात हुई थी, उनके सामने छात्राओं को थाना घुमाने की प्रस्ताव रखा था ताकि पुलिस को लेकर बच्चियों में जो झिझक है वह दूर हो सके। सीओ ने तत्काल कोतवाल से कहकर इसकी व्यवस्था की और अंशिका एक दिन की थानेदार बन गई।


Source : upuklive

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