थाने में जहर खाने वाले युवक की हालत बेहद नाजुक, आरोपी फरार

कानपुर।  जीराबाद पुलिस के सुनवाई नहीं करने से परेशान युवक ने मंगलवार देर रात थाने के अंदर ही जहर खा लिया। इसके बाद पुलिस कर्मियों को इसकी जानकारी दी। हालत गंभीर होने पर पुलिस ने उसे हैलट अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने बुधवार को बताया कि आईसीयू में भर्ती युवक की हालत बेहद नाजुक है। वहीं इस मामले नजीराबाद पुलिस पर कई सवालिया निशान भी लगे है।
लक्ष्मीरतन कॉलोनी निवासी शैलेंद्र यादव (37) हलवाई हैं। पत्नी नेहा ने बताया कि प्रेम विवाह करने के चलते परिवार के लोग उन्हें पसंद नहीं करते हैं। आरोप लगाया कि शैलेंद्र के तीन भाई अरविंद, सुनील, दीपक उन्हें बेदखल कर मकान बेचना चाहते हैं। तीनों भाई और दबंग भतीजा सौरभ उर्फ करिया लगातार मारपीट करते थे। इसकी शिकायत के लिए शैलेंद्र तीन दिनों से नजीराबाद थाने के चक्कर काट रहे थे। मंगलवार को पुलिस ने मारपीट के आरोपित भाइयों और भतीजे को हिरासत में लिया था, लेकिन उसके बाद छोड़ दिया। थाने से निकलकर वे लोग घर पहुंचे और देर शाम एक बार फिर मारपीट की।
इसके बाद बच्चों के साथ घर से बेदखल कर दिया। इसके बाद शैलेंद्र फिर थाने पहुंचे। वहां सुनवाई नहीं होने पर रात पौने बारह बजे के आसपास जहर खा लिया। एसपी (साउथ) रवीना त्यागी ने बताया कि शैलेंद्र ने जहर खाने के बाद पुडिय़ा पुलिस को थमा दी। जांच में इसमें सल्फास होने की पुष्टि हुई। हैलट में नजीराबाद पुलिस मामले को दबाने में जुटी रही, लेकिन शैलेंद्र की छह साल की बेटी ने अफसरों के सामने सबकुछ साफ कर दिया। बेटी सोना ने बताया कि चाचा और ताऊ के साथ सौरभ भइया ने मम्मी और पापा को पीटकर घर से निकाल दिया था। हर रोज मम्मी.पापा से ताऊए चाचा और घर के लोग मारपीट करते हैं.पीडि़त के जहर खाने के बाद नजीराबाद पुलिस नींद से जागी और आरोपितों को पकडऩे के लिए लक्ष्मीपुरवा स्थित घर में छापेमारी की। कई थानों का फोर्स लक्ष्मीपुरवा कॉलोनी में देर रात तक जांच.पड़ताल में डटा रहा, लेकिन आरोपितों का कोई सुराग नहीं मिला। वहीं आरोपितों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। फिलहाल आईसीयू में भर्ती युवक की हालत बेहद नाजुक है।

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