फूहड़पन का अपमान झेल रही भोजपुरी को उसकी गरिमा और सम्मान लौटाने की कोशिश कर रहीं चन्दन

ध्रुव गुप्त 
चंदन तिवारी लोकभाषा भोजपुरी की उन चंद युवा गायक-गायिकाओं में एक हैं जिन्होंने दशकों से अश्लीलता और फूहड़पन का अपमान झेल रही भोजपुरी को उसकी गरिमा और सम्मान लौटाने की हर संभव कोशिश की है। अपनी मधुर, खनकती, बुलंद आवाज़ तथा लोक की सांस्कृतिक, सांगीतिक जड़ों और परंपराओं की गहरी समझ के बूते बहुत कम समय में उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना ली है।

आज Chandan Tiwari को देश की संगीत नाटक अकादमी ने बिस्मिल्लाह खान युवा संगीत पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है। यह उनका ही नहीं, भोजपुरी की गरिमा का भी सम्मान है। बहुत बधाई, चंदन !


वक़्त आ गया है कि संगीत नाटक अकादमी अच्छे गायक -गायिकाओं को पुरस्कार के अलावा किसी भाषा की गरिमा को गिराने वाले लंपट गायक-गायिकाओं के लिए तिरस्कार की भी घोषणा करे ताकि संगीत के नाम पर कलंक ऐसे लोगों का सामाजिक वहिष्कार किया जा सके !
(लेखक पूर्व आईपीएस अधिकारी हैं)

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