चेतन वाले ना कभी मरे और ना ही मरेंगे : आचार्यश्री

इस अवसर पर संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्या सागरजी महाराज ने कहां कि आप लोग बहुत भाग्यशाली हैं। आजाद हिन्द सरकार के पिचतर वर्ष पूरे होने पर इस दिन को यादगार बना दिया। जिन शहिदों ने भारत माता की रक्षा के लिए अपने प्राणों की बाजी लगा दी, उन शहीदों के परिवारजनों को यहां याद किया गया। ये उद्गार संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्या सागर जी महाराज के सानिध्य में खजुराहो में आयोजित ;जरा याद करो बलिदान समारोह में भारत की आजादी में योगदान देने वाले परिवार को सम्मानित किया जाने के मौके पर कहे।

आचार्य श्री ने कहा कि चेतन वाले ना कभी मरे और ना ही मरेंगे। उन्हें दीक्षा देते समय ही जैनाचार्यों ने संकल्प दिलाया था कि शरीर को छोडऩा है। शरीर को छोडऩा वाला व्यक्ति कभी कायर नहीं हो सकता। जिस देश में रहेंगे उस देश की पताका को झुकने देंगे। प्राण जाय पर प्रण नहीं जाए के संकल्प को याद रखेगा। आचार्य श्री ने कहा कि अतिथि सत्कार भारतीय संस्कृति का एक प्रमुख अंग हैं। आगंतम स्वागतम हमारी संस्कृति में बसा है। यहां सभी आने वालों का सम्मान किया जाता है। यहां सिखाया जाता है कि मृत्यु से कभी डरना नहीं शरीर का विमोचन देश के लिए करना, संस्कृति के लिए करना, धर्म के लिए करना यह हमने दीक्षा के समय से ही सीखा है।

अश्व के माध्यम से युद्ध लडऩे वाले को कभी अश्व युद्ध में गिराकर भागता नहीं था वह तो जंगलों में से भी निकलकर अपने मालिक को बचाकर निकाल ले जाता था। आज तो युद्ध भी यंत्र से और वह भी रात के अन्धेरे में लड़े जाते हैं ये धर्म युद्ध नहीं हो सकते। मध्य प्रदेश महासभा के संयोजक विजय जैन धुर्रा ने वताया कि इस अवासर पर जैन समाज की जानी मानी हस्तियों में आर के मार्बल्स प्रा.लि. के चेयरमैन अशोक पाटनी, समाचार जगत के संस्थापक राजेन्द्र के.गोधा,हुकम काका कोटा,राजा बाबू सुरत,प्रेम चन्द्र प्रेमी,पूना क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष शिखर चन्द्र ,मंत्री राकेश जैन सहित अन्य प्रमुख लोग मौजूद थे।

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