चाइनीज़ मांझा इंसानी समाज के लिये एक बड़ा खतरा!

अन्सार सैफ़ी
देश के अंदर हर नस्ल हर सोच के लोग रहते है जो ज़िन्दगी को अपने तरीके से जीने का शौक रखते है जिसमे किसी को कोई ऐतराज भी नही होना चाहिये लेकिन अगर किसी का शौक किसी की जान लेने पर उतारू हो जाये तो वो एक शौक नही बल्कि एक आपराधिक श्रेणी में आ जायेगा।

पतंगबाजी युवाओ का एक बड़ा शौक है पतंगो के ज़रिये पेंच लड़ाकर लोग आसमान छूना चाहते है लेकिन उनका ये शौक केवल इंसानो पर ही नहीं बल्कि बेजुबान पक्षियों पर भी भारी पड़ता है पतंगो को उड़ाने के लिये चाइनीज़ माँझे का इस्तेमाल होता है जिसमें उलझकर जाने कितने पक्षी न केवल घायल होते है बल्कि अपनी जान से भी जाते है इंसानियत का तकाज़ा तो यही है अगर हम किसी का कोई भला न कर सके तो किसी को तकलीफ भी न पहुचाये।

चूँकि चाइनीज मांझे मे प्लास्टिक का इस्तेमाल होता है इस वजह से ना ये आसानी से टूटता और नाही जल्दी खराब होता है कांच मिला होने की वजह से इसमे धार भी होती है इसके साथ-साथ इस पर लोहे का बुरादा लगा होता जो अगर किसी बिजली के तार पर लग जाये तो करंट भी लग सकता और शरीर पर रगड़ लग जाये तो शरीर भी काट देता है बाजार मे कई प्रकार के माँझे मिलते है लेकिन सबसे ज़्यादा चाइनीज मांझा ही बिकता है जो और माँझो की तुलना में सबसे खतरनाक भी होता है।

लोगो ने अपने शौक और इसके बनाने और बेचने वालो ने थोड़े से मुनाफे के लिये लोगो की जानो को खतरे में डाल दिया है जो दुखद है आये दिन बच्चे , नौजवान , बुजुर्ग , महिलाये इसकी चपेट में आकर गंभीर रूप से न केवल घायल होते है बल्कि कुछ तो अपनी जान भी गँवा देते है जो सरासर आमानवीय और एक अपराध है।

अपने मनोरंजन व शौक के लिये हर व्यक्ति आज़ाद है वो जैसे चाहे अपनी ज़िंदगी जिये बस उसे इतना याद रखना चाहिये की उसका शौक किसी के लिये मुसीबत न बन जाये चाइनीज़ मांझा प्रतिबंधित होने के बाद भी खुलेआम बेचा और खरीदा जा रहा है जो कानून का भी उल्लंघन है प्रशासन भी समय समय पर कार्यवाही करता है और आगे भी होगी लेकिन ये ज़िम्मेदारी इंसान स्वयं भी समझे के किसी को तकलीफ देना न केवल गैर इंसानी है बल्कि एक अपराध भी है।

केवल अपना मुनाफा और अपने शौक से मतलब रखने वाले भले ही किसी दूसरे इंसान की जान पर बन जाये तो ऐसे लोग इंसानी दायरे से बाहर है ऐसे लोग समाज के हर वर्ग के लिये खतरा है और ऐसे आमानवीय कृत्य करने वालो की एक ही जगह है और वो है जेल जिस प्रकार से किसी को अपनी या अपने परिवार की जान प्यारी होती है उसी प्रकार से किसी और के परिवार की जान भी कीमती है । इसलिये इंसान होने का सुबूत पेश करे अपने शौक की वजह से किसी को भी तकलीफ मे या किसी की जान जोखिम मे ना डाले , जनहित मे ना चाइनीज़ माँझा खरीदे ना बेचे।

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