बेहतरी के लिए खादी को तकनीक से जोड़ें: CM योगी

अज़हर उमरी, लखनऊ। गांधी की खादी कभी देश की आजादी की लड़ाई और स्वावलंबन का प्रतीक थी। आजादी के बाद जमाने के अनुसार खुद को न बदलने से खादी पिछड़ती गई। खादी की बेहतरी के लिए इसे बेहिचक जरूरी तकनीक से जोड़ें।

शुक्रवार को यहां तिलक मार्ग डालीबाग स्थित उप्र. खादी एवं ग्रामोद्योग भवन और गांधी जी की मूर्ति के लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी जी की 150वीं जयंती पर खादी का कायाकल्प का संकल्प ही उनको सच्ची श्रधांजलि होगी। इसीसे बापू के ग्राम स्वराज का सपना भी साकार होगा।

योगी ने कहा कि गांधीजी का दर्शन ही देश की आत्मा है। स्वाच्छता के प्रति उनका खासा आग्रह था। स्वच्छ भारत मिशन के जरिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके इस सपने को साकार कर रहे हैं। अक्टूबर 2014 में शुरू हुए इस अभियान से लोगों में जागरुकता आई है। धीरे-धीरे यह पहल जनआंदोलन बनने की ओर अग्रसर है। जरूरत इसे संस्कार और आदत बनाने की है। अगर आप ऐसा करेंगे तो लोगों के लिए यह नजीर बनेगी।

योगी ने कहा कि खादी ग्रामोद्योग विभाग ने खादी के लिए शानदार पहल की है। इससे स्थानीय स्तर पर लोगों को कम पूंजी में कम जगह में स्वरोजगार का अवसर मिलेगा। माटी कला बोडे जैसे कार्यक्रमों से गांव के ताल-पोखरों की हर साल प्राकृतिक तरीके से सफाई हो जाएगी। ताल-पोखर पूरी तरह भरेंगे तो आस-पास का भूगर्भ जल स्तर सुधरेगा। कुम्हारों को अपनी जरूरत के लिए मिट्टी मिलने से उनकी परंपरागत कला को संरक्षण और संवर्धन मिलेगा। लोग पॉलीथीन और थर्माकोल की जगह मिट्टी के बर्तनों का प्रयोग करेंगे तो पर्यावरण का भी संरक्षण होगा।

विभागीय मंत्री सतीश महाना ने भरोसा दिलाया कि खादी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जो सपना देखा है, उसे पूरा करने के लिए विभाग हर संभव प्रयास कर रहा है। यूपी की खादी को ब्रांड बनाने के साथ इसकी बिक्री को ऑनलाइन प्लेटफार्म दिया गया है। यहां राजधानी और मुजफ़्फरनगर में खादी प्लांजा खोले जाएंगे।

कार्यक्रम को माटी कला बोर्ड के अध्यमक्ष धर्मवीर प्रजापति ने भी संबोधित किया। संस्था के उपाध्यक्ष राम गोपाल उर्फ अंजान ने अतिथियों का स्वा‍गत किया। प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने आभार जताया।

योगी ने कहा- तेल में मिलावट मत करना
इस मौके पर योगी ने मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के कुछ लाभार्थियों को ब्याज उपादान के चेक, पीएएमइजीपी ऋण के स्वीकृति पत्र और प्राइमरी स्कूल के कुछ बच्चों को खादी के ड्रेस भी दिये। इसी दौरान आयल मिल लगाने वाले एक उद्यमी से हंसते हुए कहा कि तेल में मिलावट मत करना। ड्रेस देते समय हर बच्चे से उसका नाम, स्कूल और क्लास पूछा। साथ ही यह भी कहा कि पढ़ने जरूर जाना।

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