मिड-डे मील मामले में एडिटर्स गिल्ड ने पत्रकार के खिलाफ FIR का किया विरोध

नई दिल्ली। एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया (ईजीआई) ने सोमवार को पत्रकार पवन जायसवाल के खिलाफ FIR दर्ज करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की निंदा की। पत्रकार पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी तरीके और गलत मंशा से स्कूल में बच्चों के मिड-डे-मील का वीडियो बनाया और उनका साथ गांव के प्रधान ने भी दिया। उन्होंने खबर ब्रेक की थी कि उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के हिनौता गाँव के एक प्राइमरी स्कूल में छात्रों को मिड- डे मील में रोटी के साथ नमक बांटा गया था।

एक ऑफिशियल बयान में, ईजीआई ने कहा, “यह संदेशवाहक को ही गोली मारने का एक क्रूर और क्लासिक केस है। यह दिखाता है कि एक लोकतांत्रिक समाज में पत्रकार कितने फ्री और निडर हैं। यह चौंकाने वाला है।  इस पर कार्रवाई करने के बजाय कि जमीन पर क्या गलत हो रहा है, सरकार ने पत्रकार के खिलाफ ही आपराधिक मामले दर्ज कर दिए। ”

ईजीआई ने आगे कहा कि भले ही सरकार का मानना ​​है कि जायसवाल की रिपोर्ट गलत है, लेकिन इसके लिए आसान और पारंपरिक हल उपलब्ध हैं। भारतीय दंड संहिता (IPC) और पुलिस का उपयोग करना इसका जवाब देने का कोई तरीका नहीं है।

ईजीआई ने आग्रह किया है कि राज्य सरकार इन मामलों को जल्द वापस ले और यह सुनिश्चित करे कि पत्रकार को कोई नुकसान या पीड़ा न पहुंचाई जाए।

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