इस देश ने की थी ट्वंटी ट्वंटी मैच की शुरुआत, कहलाता है फॉदर ऑफ क्रिकेट

आज क्रिकेट लोगों के लिए खेल से बढक़र एक भावना ओर नशा तक बन चुका है। क्रिकेट को एशियाई खेल माना जाता था। लेकिन, आज क्रिकेट की लोकप्रियता भारत, एशिया ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में फैल चुकी है। आज यूनाइटेड स्टेट ऑफअमेरिका में भी क्रिकेट के लीग ओर घरेलू क्रिकेट मैच खेले जा रहे हैं। लेकिन, क्या आपको पता है क्रिकेट की उतपत्ति कहां से हुई है। यह खेल यूरोप की देन है जिसे यूरोप के मुख्यद्वारा कहने जाने वाले इंग्लैंड ने शुरु किया था।

क्रिकेट का सबसे पहलेसिंगल फॉर्मेट टेस्ट ही खेला जाता था। उसके बाद वनडे की शुरुआत हुई। लेकिन, धीरे धीरे अब क्रिकेट के तीन फॉर्मेट बन चुके हैं, तीसरे फॉर्मेट को हम फटाफट क्रिकेट यानि ट्वंटी ट्वंटी कहते हैं। इसकी शुरुआत भी इंग्लैंड से हुई थी। आइये जानते हैं ट्वंटीट्वंटी मैच से जुड़े फैक्टस...टी ट्वंटी ज्यादातर 20 ओवर का मैच होता है, टी ट्वंटी मैच की शुरूआत भी इंग्लैंड में की गई थी। टी ट्वंटी यानि इंग्लैंड की शुुरूआत गर्मियों में शाम को मनोरंजन के तौर पर की गई थी।

यह मैच गर्मियों में दिन ढलने के बाद शुुरूहोते थे और 3 से 4 घंटों में समाप्त हो जाते थे। कम ओवर के कारण यह मैच लोगों की पसंद बनते गए ओर धीरे धीरे इन मैचों की लोकप्रियता बढऩे लगी ओर यह मैच वनडे की तरह विस्तार पाने लगे। हर जगह 20 ओवरों के मैच होने लगे। लेकिन, इस औरभारत का ध्यान भी गया ओर भारत में भी यह मैच लोकप्रिय होने लगे। जिसे फटाफट क्रिकेट यानि ट्वंटी ट्वंटी भी कहा गया।

भारत में यह मैच आईपीएल यानि इंडियन प्रीमियर लीग के रूप में शुरु हुए और उसके बाद आपको पता है आज भारत टी ट्वंटीकितना बड़ा रूप ले चुका है और पूरी दुनिया के क्रिकेटर्स के लिए यह एक बड़ा मंच बन गया है जिसमें खेलने के लिए दुनिया का हर क्रिकेटर सपना देखता है। आज कोई भी लीग हो या कोई चैरिटी मैच हो ज्यादातर 20 ऑवरों का ही होता है।

ट्वंटी ट्वंटी शुरुकरने वाले इंग्लैंड देश ने सोचा भी नहीं होगा कि उसके देश से निकलने वाली यह उपज आज दुनिया की लोकप्रिय खेल श्रेणी में चुकी है। जबकि भारत क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट टेस्ट, वनडे और ट्वंटी ट्वंटी का सिरमौर बन चुका है। भारत की आईपीएललीग दुनिया की सबसे बड़ी और महंगी ट्वंटी ट्वंटी लीग बन चुकी है। लेकिन, यह कहना गलत नहीं होगा कि इंग्लैड को क्रिकेट को फॉदर कहें तो बिल्कुल गलत नहीं होगा। क्योंकि, क्रिकेट खेल अंग्रेज यानि ब्रिटिशों की ही देन है।

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