कोई नहीं जानता क्यों आती है हिचकी?

आपने भी अक्सर दादी-नानी को यह कहते सुना होगा कि हिचकी आ रही है, इसका मतलब कोई आपको याद कर रहा है। कोई कहता है कि जल्दी खाना खाने के चक्कर में जब आप खाने को ठीक से चबाकर नहीं खाते तो हिचकियां शुरू हो जाती हैं। कोई कहता है हिचकी आ रही है तो पानी पी लो, हिचकी रुक जाएगी। लेकिन आखिरकार ये हिचकी आती क्यों है, इस सवाल का जवाब वैज्ञानिकों के पास भी नहीं है।
ज्यादातर हिचकी बेहद सौम्य होती है जो महज कुछ मिनट या घंटे के लिए ही रहती है। लेकिन कई बार हिचकी, किसी गंभीर बीमारी का भी संकेत देती है। खासकर तब जब हिचकी बंद होने का नाम ही ना ले और यह कई दिनों, महीनों या सालों तक आती रहे। हिचकी आना कुछ लोगों के लिए शर्मिंदगी से भरा हो सकता है। इतना ही नहीं हिचकी की वजह से खाना खाने में दिक्कत होती है, नींद में रुकावट आती है। हर साल अमेरिका में 4 हजार लोगों को हिचकी की वजह से अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है। गिनिस वर्ल्ड रेकॉर्ड्स में चार्ल्स ऑस्बर्न का नाम सबसे लंबी हिचकी लेने के लिए दर्ज है। उन्होंने 68 साल तक लगातार हिचकी ली थी।
हिचकी की वजह उतनी ही जितने उसे रोकने के नुस्खे
डॉक्टरों की मानें तो हिचकी आने की उतनी ही वजहें जितनी इसे रोकने के तरीके और नुस्खे। इसमें कोई शक नहीं कि हिचकी हर किसी को आती है और कभी भी आ सकती है लेकिन क्यों आती है इसका सटीक कारण अब तक पता नहीं चल पाया है। हालांकि वैज्ञानिकों की मानें तो हिचकी हमारे शरीर में मौजूद डायफ्राम के सिकुडऩे से आती है। डायफ्राम एक मांसपेशी है जो चेस्ट कैविटी को ऐब्डॉमिनल कैविटी से अलग करती है।
सर्किट में रुकावट आने पर भी आती है हिचकी
एक्सपर्ट्स की मानें तो हिचकी, रिफ्लेक्स आर्क या सर्किट होती है जिसमें वैगस और फ्रेनिक नर्व्स को शामिल किया जाता है। साथ मिलकर ये सभी नसें ब्रेन स्टेम से निकलकर पेट तक जाती हैं जिनकी ब्रांच डायफ्राम, पेट, आंत, स्प्लीन, लिवर, लंग्स और किडनी तक जाती है। ऐसे में अगर आपको इस सर्किट के रास्ते में कहीं भी किसी तरह की इरिटेशन होती है तो आपको हिचकी आने लगती है। हालांकि वैज्ञानिक अब भी इस बात से चकित हैं कि हिचकी आती क्यों है।

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